अमीरी गरीबी की पहचान को बढ़ावा देने की ओर बढ रही है केन्द्र सरकार - निराला 


 अखिल भारतीय उधोग ब्यापार मंडल के तहसील प्रभारी व ब्यापारी नेता भुवनपति निराला ने कहा की केन्द्र की सरकार देश में अमीरों के लिए ऐसी व्यवस्था दे रही है गरीब तपके के लोग राजधानी, शताब्दी, दुरंतो, प्रीमियम जैसी ट्रेनों में धार्मिक एवं वैवाहिक यात्रा करने से भी वंचित हो जाएंगे |
चाय 20 रुपए की जगह ₹50 मे मिलेगा,  खाने पीने की सामग्री मे भी भारी इजाफा किया गया है  जो अखबारों में 16,नवम्बर 2019 को प्रकाशित किया है उसका अवलोकन अवश्य करे उसकी फोटो कापी इस समाचार के साथ संलग्न है  केन्द्र सरकार से  निवेदन के साथ कहना है कि देश में अमीरी गरीबी की पहचान मिटाने के लिए सरकार को कार्य करने की जरुरत है न की अमीरी गरीबी की बीच की दूरी को बढ़ावा देने की। भारतीय संविधान में सबको समान अधिकार दिया गया है लाइन में खड़े हो कर चाहे वो अमीर हो या गरीब, सभी मतदान वारी- वारी से करते है| 
ट्रेनों में रेलवे बोर्ड ने खाने पीने की चीजों में जो बढ़ोतरी किया है तुगलक की फरमान जैसा ही दिखाई दे रहा है ।अंग्रेजो के शासन पीरियड में  ट्रेनों में गोरे -काले का फर्क किया था उसी तर्ज पर ट्रेनों में रेलवे बोर्ड यात्रियों के साथ करने जा रही है इससे देश में ऐसी परंपरा कायम की जा रही है जो देश हित में नहीं होगा इससे अमीरों एवं गरीबो की खाई को पाटने की बजाए अमीरों गरीबों के बीच दुर्भावना पैदा होगी । बड़े होटल में प्राइवेट सेक्टर का पैसा लगा है वहां गरीबो को अंदर तक घुसने तक नहीं दिया जाता हैं,  ट्रेनों के संचालन में देश का पैसा लगा हुआ है।संविधान के अनुसार गरीब अमीर एक साथ सफर करते हैं गरीबों को  जब स्लीपर का कंफर्म टिकट नही मिलता है तो एसी का टिकट लेते हैं सरकार को चलाने वाले लोग जनता के बीच के ही  हैं उन्हें सब पता है |
   केंद्र सरकार से एक बार पुनः विनम्र निवेदन के साथ अनुरोध करता हूं कि सरकार रेलवे बोर्ड के तुगलकी आदेश से बढे हुऐ कीमत को वापस लेने का आदेश जारी करें या निरस्त करने का सुझाव दे, अखबार में प्रकाशित ख़बरों का अवलोकन अवश्य करें।


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