अक्सर लोगों को कहते सुना जाता है जीवन जा रहा है
अक्सर लोगों को कहते सुना जाता है जीवन जा रहा है सच पूछो तो कहूँ यौवन जा रहा है जीना और मरना आप के हाथ में है।
आप बुढापे में भी जी सकते हो और बचपन में भी मर सकते हो और तीनों अवस्थाओं में भी जी सकते हो उसके बाद भी अमृत हो मोक्ष में आनंदपूर्वक जीवनयापन कर सकते हो। देखना आपने है।
यौवन को कैसे प्रतिक्षण बनाये अथवा पकड़े रहना है।
ईश्वर हम सबका जीवन है क्योंकि वह सदैव युवा है।
आओ हम भी कुछ मात्रा में अन्यों के जीवन बन उस प्रभु की शरण ले दीर्घकाल तक जीवित बने रहें।
आचार्या विमलेश बंसल आर्या,
329, द्वितीय तल संतनगर पूर्वी कैलाश नई दिल्ली-65
-8130586002
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