भाजपा असहमति की आवाज को कुचलने में नही छोड़ रही है कोई कसर: अखिलेश
लखनऊ 04 जनवरी(वार्ता) समाजवादी पार्टी(सपा)अध्यक्ष अखिलेश यादव भारतीय जनता पार्टी(भाजपा) सरकार पर असहमति की आवाज को कुचलने का आरोप लगाते हुये कहा कि भाजपा लोकतंत्र को धता बताकर मनमानी पर उतर आयी है।
श्री यादव ने शनिवार को पार्टी मुख्यालय में कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुये कहाकि भाजपा की नीतियां और भाषा जनसामान्य को भयभीत कर रही हैं। उन्हें बुनियादी समस्याओं के समाधान में तनिक भी रूचि नहीं है। असहमति की आवाज को कुचलने में कोई कसर नहीं छोड़ी जा रही है। भाजपा लोकतंत्र को धता बताकर मनमानी पर उतर आई है। इसीलिए भाजपा पर जनता का भरोसा नहीं रह गया है।
उन्होंने कहा कि भाजपा एक तो जनविरोधी काम करती हैं दूसरे लोकतंत्रीय व्यवस्था और संवैधानिक संस्थाओं को कमजोर करने में पीछे नहीं रहती है। भाजपा राज में किसानों, महिलाओं और बच्चियों का उत्पीड़न बढ़ा है। नोटबंदी-जीएसटी से उद्योगधंधे चौपट हुए है और नौजवान बेकार हुए है।
श्री यादव ने कहा कि भाजपा नेतृत्व ने ही विद्वत्ता की ठेकेदारी अपने नाम कर ली है। उनका एक मात्र काम अपने हर गलत काम को सही ठहराना हैं। भाजपा सीएए, एनपीआर, एनआरसी पर भ्रम फैलाने से बाज नहीं आ रही है। कई राज्य सरकारों ने नए कानूनों के प्रति विरोध जता दिया है। देश की जनता जगह-जगह जनता प्रदर्शन-आंदोलन कर रही है।
उन्होंने कहा कि हिंसा पीड़ितों के परिजनों के साथ पुलिस उत्पीड़न और निर्दोषों को जेल में यातना देने की सच्चाई सामने लाने पर भाजपा नेता बौखलाहट के शिकार है। उन्हें इसमें तुष्टीकरण दिखाई देता है जबकि वही इस खेल के पुराने माहिर है। इस सबकी न्यायिक जांच हो तो भाजपाई झूठ की कलई खुलने में देर नहीं लगेगी।
भंडारी
वार्ता
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