दिल्ली में तीन दिवसीय महाधिवेशन में व्यापारी करेंगे अपनी समस्याओं पर चर्चा

नयी दिल्ली, 03 जनवरी (वार्ता) देश के करीब 10 हजार व्यापारी प्रतिनिधि सोमवार से यहां तीन दिवसीय महाधिवेशन में ई-काॅमर्स कंपनियों से व्यापारियों को होने वाली दुश्वारियों और व्यापारी वर्ग की अन्य समस्याओं पर चर्चा करके उनके समाधान के तरीके निकालेंगे।
कन्फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स(कैट) के राष्ट्रीय महामंत्री प्रवीण खंडेलवाल ने शुक्रवार को यहां संवाददाताओं को बताया कि रामलीला मैदान में आयाेजित होने वाले इस महाधिवेशन में देश के कोने-कोने से व्यापारी प्रतिनिधि शामिल होंगे और खुले सत्रों में अपनी विभिन्न समस्याओं और सुझावों को पेश करेंगे। महाधिवेशन के अंत में दिल्ली घोषणा पत्र जारी किया जायेगा जिसमें देश भर के करीब सात करोड़ व्यापारियों से जुड़ी समस्याओं और सुझावों का विवरण होगा। इसी घोषणा पत्र के आधार पर सरकार के समक्ष व्यापारियों की मांगों को रखा जायेगा और उनका समाधान निकालने का प्रयास किया जायेगा।
उन्होंने बताया कि महाधिवेशन में डिजिटल भुगतान पर लगने वाले शुल्क को समाप्त करने, व्यापारियों को बैंकों एवं वित्तीय संस्थाओं से कर्ज मिलने में सहूलियत, प्रधानमंत्री मुद्रा योजना को प्रभावी बनाने के लिए उसमें आवश्यक सुधार,व्यापारी पेंशन योजना में सुधार,व्यापारियों के लिए सस्ती दर पर बीमा योजनायें, देश में कोआपरेटिव मॉडल अपनाने पर बातचीत, महिला उद्यमियों को बढ़ावा देने आदि विषयों पर चर्चा की जायेगी।
श्री खंडेलवाल ने बताया कि महाधिवेशन में दिल्ली के व्यापारियों को लेकर एक विशेष सत्र होगा जिसमें दिल्ली में चल रही लगातार सीलिंग, गुजरात की तर्ज पर दिल्ली किराया कानून बनाने और स्मार्ट सिटी कार्यक्रम के अंतर्गत व्यापारी बाजारों को स्मार्ट बनाने पर चर्चा होगी।
उन्होंने बताया कि सोमवार को महाधिवेशन का उद्घाटन रक्षा मंत्री राज नाथ सिंह करेंगे। इसमें सूचना एवं प्रसारण मंत्री प्रकाश जावडेकर, केन्द्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण, वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल, शहरी विकास मंत्री हरदीप पुरी, महिला एवं बाल विकास मंत्री स्मृति ईरानी, स्वास्थ्य मंत्री हर्षवर्धन, कृषि मंत्री नरेन्द्र सिंह तोमर शामिल होंगे। नीति आयोग के अायोग के मुख्य कार्यकारी अधिकारी अमिताभ कांत भी एक सत्र में शामिल होंगे।


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