कोविड-19 प्रसार की रोकथाम हेतु सोषल डिस्टेन्सिंग एवं अन्य उपाय लागू करने हेतु उठाये जाने वाले कदम
जिलाधिकारी के0 विजयेन्द्र पाण्डियन ने बताया कि माननीय मुख्य सचिव महोदय, उ0प्र0 षासन, लखनऊ के आदेषानुसार कोविड-19 प्रसार की रोकथाम हेतु सोषल डिस्टेन्सिंग एवं अन्य उपाय लागू करने हेतु उठाये जाने वाले कदम के दृष्टिगत निम्नानुसार कार्य सम्पादित किये जाने हेतु निर्देष सम्बधित को दिया गया है। उन्होने बताया कि चिकित्सा षिक्षा को छोड़ते हुए षेष सभी प्रकार के षैक्षणिक संस्थान, जिम, म्यूजियम, पर्यटन स्थल, सांस्कृतिक एवं सामाजिक केन्द्र, स्वीमिंग पूल एवं थियेटर दिनांक 02 अप्रैल, 2020 तक बन्द रहेंगे। छात्रों को घर में ही रहने का परामर्ष दिया जाय एवं आॅनलाइन षैक्षणिक गतिविधियों को बढ़ावा दिया जाय। उत्तर प्रदेष सरकार के अन्तर्गत आने वाले सभी विष्वविद्यालयों/बोर्डों/संस्थानों की परीक्षाएं एवं समस्त प्रतियोगी परीक्षाएं दिनांक 02 अप्रैल, 2020 तक स्थगित रहेंगी तथा तहसील दिवस व समाधान दिवस का आयोजन दिनांक 02 अप्रैल, 2020 तक स्थगित रहेगा।
जिलाधिकारी ने बताया कि कोरोना वायरस के मरीजों की चिकित्सा की व्यवस्था
का समस्त खर्च राज्य सरकार द्वारा वहन किया जाएगा तथा दिनांक 02 अप्रैल2020 तक बायोमेट्रिक मषीन से उपस्थिति नहीं ली जाएगी। इसके लिए पंजिका का प्रयोग किया जाए। कोरेनटाइन /आईसोलेषन में रखे जाने वाले कार्मिकों को नियोजकों के द्वारा सवेतन अवकाष दिया जाएगा। निजी क्षेत्र के संस्थानों एवं नियोक्ताओं को इस हेतु प्रेरित किया जाय कि जहां तक सम्भव हो कर्मचारियेां को घर से कार्य करने की अनुमति दी जाय।
उन्होने बताया कि जहां तक सम्भव हो बैठकें वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से की जाय। जिन बैठकों में बड़ी संख्या में लोगों को प्रतिभाग करना हो उन्हें सीमित किया जाय अथवा पुर्ननिर्धारित किया जाय। रेस्टोरेन्टों द्वारा हैण्ड वाषिंग प्रोटोकाल सुनिष्चित किया जाय तथा जिन स्थानों को बार-बार छुआ जाता है, उनकी समुचित साफ-सफाई सुनिष्चित की जाय। मेजों के बीच की भौतिक दूरी न्यूनतम एक मीटर रखी जाय। जहां पर सम्भव हो, खुले में बैठने की व्यवस्था की जाय तथा पर्याप्त दूरी रखी जाय। पूर्व निर्धारित वैवाहिक कार्यक्रमों में आमंत्रितों को सीमित किया जाय तथा अनावष्यक सामाजिक सांस्कृतिक सम्मेलनों को स्थगित किया जाय। स्थानीय प्रषासन, खेल आयोजनों तथा प्रतियोगिताओं, जिनमें बड़ी भीड़ की सम्भावना हो, के आयोजकों से संवाद स्थापित कर उन्हें ऐसे आयोजनों को स्थगित करने की सलाह दें।
जिलाधिकारी ने धार्मिक स्थलों के प्रबंधक व धर्मगुरूओं से संवाद स्थापित कर उन्हें जागरूक करनें पर बल देते हुये धर्मगुरूओं से अपील किया हैं कि सभी धर्म गुरू भी भीड़ को नियंत्रित करने की सलाह लोगो को दें तथा यह भी सुनिष्चित करें कि मेले आदि में आने वाले लोगों को जागरूक करें और संक्रमण से बचने हेतु पूरी सावधानी बरती जाए। अपरिहार्य कार्यक्रमों में लोगों के बीच कम से कम एक मीटर की दूरी रहे। ऐसे किसी भी आयोजन में हाथ धोने हेतु साबुन, पानी/हैण्ड सेनेटाइजर की व्यवस्था की जाए। व्यापारिक स्थलों, सब्जी मण्डी, अनाज-मण्डी, बस अड्डों, रेलवे स्टेषनों, डाकखानों आदि जहां आवष्यक सुविधायें प्रदान की जाती है, में संचालन अवधि को नियंत्रित करने, कोरोना वायरस के प्रसार की रोकथाम के लिए ‘‘क्या करें क्या न करें’’ के प्रदर्षन हेतु प्रचार अभियान चलाने के लिऐ स्थानीय प्रषासन, व्यापारिक संगठनों एवं अन्य हित साधकों के साथ बैठक करें। सभी व्यापारिक गतिविधियों में ग्राहकों से न्यूनतम एक मीटर की दूरी बनाये रखी जाय। बाजारों में पीक आवर्स को कम करने के उपाय किये जायें। अनावष्यक यात्रा से बचा जाय। बस, टेªन तथा वायुयान जैसे सार्वजनिक परिवहन में लोगों की पर्याप्त दूरी सुनिष्चित की जाय तथा इन स्थानों पर सतहों का उचित वि-संक्रमण सुनिष्चित किया जाय। अस्पतालों द्वारा कोविड-19 के प्रबंध हेतु निर्धारित प्रोटोकाल का अनुपालन किया जाय और पारिवारिक सदस्यों/मित्रों/बच्चों को मरीजों से मिलने को नियंत्रित किया जाय। लोगों के मध्य स्वच्छता एवं भौतिक दूरी सुनिष्चित की जाय। हाथ मिलाना तथा गले लगाना जैसे अभिवादन के तरीके से बचा जाय। आनलाइन आर्डर सेवा में कार्यरत डिलेवरी करने वाले कर्मी (मेन/वूमेन) हेतु विषेष रक्षात्मक उपाय अपनाये जाय। जन सामान्य को निरन्तर इस संबंध में सूचना दी जाय।
उन्होने बताया कि माननीय मुख्य सचिव महोदय द्वारा यह अपेक्षा व्यक्त की गयी है कि सोषल डिस्टेन्सिंग एक गैर फार्मास्यिुटिकल संक्रमण निवारण एवं नियंत्रण इंटरवेंषन है जो सक्रंमित लोगों एवं गैर संक्रमित लोगों के मध्य सम्पर्क को कम करके समाज में बीमारी के प्रसार को रोकने/कम करने में सहायक हैं। इस उपाय को अपनाकर किसी बीमारी की वृद्धि की दर एवं इससे होने वाली मृत्यु दर को कम किया जा सकता है।
अतएव उपरोक्त निर्धारित कार्यों को तत्काल सम्पादित कराते हुये आपदा कार्यालय को आख्या मय फोटोग्राफ अनिवार्य रूप से प्रस्तुत करें। विचलन की स्थिति में आप स्वयं उत्तरदायी होंगे।
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