कोरोना परीक्षण : जर्मनी की पूलिंग सिस्टम अपनाने संबंधी याचिका दायर

 


नयी दिल्ली, 17 अप्रैल (वार्ता) कोरोना वायरस ‘कोविड 19’ के प्रकोप से प्रभावित क्षेत्रों में नमूना जांच में पूलिंग सिस्टम अपनाने और रोग के लक्षण न रखने वालों को भी जांच में शामिल करने को लेकर उच्चतम न्यायालय में याचिका दायर की गयी है।
प्रखर दीक्षित और सिद्धार्थ कुमार सिंह की ओर से दायर याचिका में वर्तमान परीक्षण मानदंडों की समीक्षा करने का केंद्र सरकार को निर्देश देने का अनुरोध किया गया है।
याचिकाकर्ता का कहना है कि परीक्षण प्रणाली में ‘पूलिंग विधि’ को शामिल किया जाना चाहिए, जिससे प्रभावित क्षेत्रों और वायरस के संवाहक लोगों का कुशलता से पता चलेगा, भले ही उनमें कोरोना के लक्षण दिखाई दें या नहीं।
याचिकाकर्ता ने अपनी याचिका में जर्मनी में इस्तेमाल की जाने वाली पूलिंग सिस्टम का हवाला देते हुए इसे सबसे प्रभावी प्रणाली करार दिया है।
याचिकाकर्ता ने मोबाइल परीक्षण सुविधा स्थापित करने के लिए या प्रत्येक दरवाजे से नमूना संग्रहित करने के दिशानिर्देश जारी करने का अनुरोध किया है ताकि किसी भी व्यक्ति को कोरोना वायरस के लक्षण दिखने पर नमूना संग्रहण और परीक्षण उसके घर पर हो सके। इससे अस्पतालों में संक्रमण की आशंका वाले रोगियों का दबाव कम होगा।


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