रमजान को लेकर मुस्लिम बाहुल्य इलाकों में बेचैनी

 


रामपुर 21 अप्रैल (वार्ता) उत्तर प्रदेश के मुस्लिम बाहुल्य जिले रामपुर में लाकडाउन के दौरान शुरू होने वाले पाक महीने रमजान में खाने पीने का सामान और अफ्तार सहरी के एहतेमाम (व्यवस्था) को लेकर आम जनमानस में खासी बेचैनी का आलम है।
पाक परवरदिगार की रजा और खुशनूदी के लिए रमजान का महीना 24 या 25 अप्रैल से शुरू होगा। लोगों की चिंता लाॅकडाउन को लेकर है और यह भी अंदेशा है कि तालाबन्दी तीन मई को खुलेगी या नहीं। लिहाजा करीब दस दिन तो रमजान के लाॅकडाउन में ही आयेंगे जबकि अगर तीन मई के बाद भी इस तालाबन्दी को आगे बढ़ाया गया तो रमजान के बाद नमाज ए ईद में भी खासी दुश्वारियों का सामना करना पड़ सकता है।
इस मौके पर लोग जम्मे गफीर (भीड़) की शक्ल में नमाज पढ़ने ईदगाह और दूसरी बड़ी मस्जिद का रूख करते हैं। ऐसे में जिला रामपुर की जामा मस्जिद की कमेटी यानी मजलिए ए शूरा ने एक बैठक कर एक मैमोरेण्डम तैयार किया जिसे जिलाधिकारी को सौंपकर इसमें की गई मांगों की पूर्ति करने की इल्तिजा की गयी है।
लाॅकडाउन के नियम के मुताबिक मस्जिदों के अन्दर नमाज सिर्फ पांच लोग ही पढ़ सकते हैं और नियम तोड़ने पर वैधानिक कार्यवाही भी की जा रही हैं। लिहाजा मजलिस ने लोगों से भी अपील की है कि रमजान में भी इस नियम को तोड़ने की कोशिश न करें और अपने अपने घरों में ही नमाज कायम की जाये। अगर किसी घर में हाफिज है तो कुरआन सुनने और तरावीह पढ़ने की भी अपील की गई है।
तरावीह नमाज दिन की आखिरी नमाज के साथ पढ़ी जाती है जिसमें कुरआन सुनने का अमल नमाज के दौरान लाया जाता है। तरावीह नमाज करीब एक या डेढ़ घण्टे की होती है। कोविड 19 से बचने के लिए ऐसा पहली बार हो रहा है कि नमाजों की व्यवस्था आम लोगों द्वारा अपने ही घरों में की जा रही है ताकि सामाजिक दूरी का पालन कर बीमारी से निजात पाई जा सके।
कमेटी ने लोगों को सलाह दी है कि अगर घर में लोगों में से कोई इमामत कर सकता है तो घर के लोग एक साथ जमात की नमाज घर में अदा करेंगे और अगर घर में कोई हाफिज कुरआन न हो तो तरावीह की नमाज में सूरत अलमतरा से सूरत नास तक पढ़ कर नमाज तरावीह बजमात अदा की जाये। रोजा खोलने के समय और तहज्जुद के समय दुआओं का विशेष एहतमाम करें और इस बीमारी से पूरी इंसानियत की हिफाजत के लिए खुसूसी दुआएं करें।


टिप्पणियाँ

इस ब्लॉग से लोकप्रिय पोस्ट

सपा अध्यक्ष को लगता है कि मुसलमान उनकी जेब में हैं: मायावती

हार-जीत से बड़ा है सक्षम बनना

24 जुलाई 2026 को चंद्रमा दिखाई देगा अन्टारेस (ज्येष्ठा नक्षत्र के योगतारा) के पास