यहां सड़कों पर रेंग रही है ज़िंदगी हर कोई अपने अपने घर पहुंचने के सफर में
गोरखपुर । दूसरे प्रदेशों और शहरों से आ रहे मजदूरों का सिलसिला अभी तक जारी हैं। गोरखपुर के रास्ते आ रहे मजदूरों का सफर अपने अपने घर पहुंचने के लिए लागातार देखने को मिल रहा है हर कोई अपनी अपनी मंजिल की तरफ बढ़ता दिखाई दे रहा है इसमें से हर मजदूरों कि अपनी अपनी मंजिल है कोई महाराजगंज तो कोई कुशीनगर तो कोई बिहार स्थित तो कोई हैदराबाद से चला आ रहा है, कोई सूरत से, तो कोई कानपुर से तो कोई जालंधर से चला आ रहा है। अपनी अपनी मंजिल पर पहुंचने के लिए लगातार इन लोगों का सफर जारी रहा देखा जाए तो कभी लोग पैदल ही सड़कों को नापना शुरू कर दिए तो कभी कोई साइकिल यात्रा करते हुए दिखा तो कभी कोई ट्रको के सहारे हर कदम पर नज़दीक आती दिखाई दे रही लोगो को अपनी अपनी मंज़िले ऐसा लग रहा है जैसे कदमों को आगे बढ़ाने का हौसला दे रही हो। कभी कहीं कुछ बिस्किट और पानी मिल जा रहा है तो थोड़ा ठहरे वरना आगे का सफर यूं ही जारी रहता है।
पैदल चलते चलते जब कहीं कोई ट्रक मिल जाता तो दौड़ कर उसमें सवार होने की होड़ सी लग जाती और फिर भेड़ बकरियों की तरह उस ट्रक में सवार होकर आगे का सफर शुरू हो जाता।
शहर की बाहरी सड़कों पर तो मज़दूरों की अनन्त कतारें देखने को मिल रही है। हर रोज़ लगता है कि आज ये मज़दूरों का आखरी जत्था होगा लेकिन हर नई सुबह एक नए काफ़िले से शहर को रुबरु करा रही है और हर घण्टे शहर की सरहद पर मज़दूरों का एक नया हुजूम दस्तक दे रहा है।
टिप्पणियाँ
एक टिप्पणी भेजें