बंधे की स्थित जर्जर दहशत में ग्रामीण
गोरखपुर।जंगल कौड़िया विकास खंड के अंतर्गत राप्ती नदी के किनारे स्थित बढ़या कोठा तटबंध की हालत संवेदनशील है पिछले वर्ष बरसात के दौरान कई जगहों पर भारी रेन कट हुआ था जिससे फुलवरिया से मीरपुर लालमन सिंह पूर्व प्रधान के घर के पश्चिम बंधे के आगे तक भारी रेनकट है। बातचीत के दौरान ग्रामीण रुदल यादव सतीश सिंह विश्वनाथ साहनी रमेश सिंह राम उजागीर पांडे लालजी सिंह कन्हैया सिंह ने बताया कि मई से कार्य बंधे पर आरंभ हुआ था लेकिन कुछ दिन चलने के बाद और बंद हो गया नदी में दो जगह ठोकर लगाना था जो अभी तक नहीं लगा है हम लोगों के खेतों में बांध बांध दिया गया और खेतों की मिट्टी खनकर बंधे के कार्य में लगा दिया गया सिंचाई विभाग द्वारा आश्वासन दिया गया था आप लोगों को खेतों कि और मिट्टी का उचित मुआवजा दिया जाएगा लेकिन सिंचाई विभाग द्वारा अभी तक किसी व्यक्ति को कोई मुआवजा नहीं मिला। प्रभारी मंत्री के निर्देश के बावजूद किसी प्रकार की तैयारी अथवा अन्य कार जैसे रेनकट को मिट्टी बोल्डर पैचिग के द्वारा नहीं भरा गया है दूसरी तरफ आपदा प्रबंधन को लेकर जमीनी स्तर पर कोई कार्यवाही नहीं दिखाई दे रही है जागरूकता के स्तर पर राहत शिविरों की पहचान कर पशुओं के चारे की व्यवस्था शुद्ध पेयजल की व्यवस्था बाढ़ के दौरान शिक्षा की व्यवस्था अनेक प्रकार की दैनिक दिनचर्या हेतु किसी प्रकार की कार योजना जो विभाग द्वारा तैयार की जाने थी जमीन पर कहीं नहीं दिखाई दे रहा है।इससे साफ जाहिर है गोरखपुर जिला प्रशासन तैयारी को लेकर संवेदनशील नहीं है और बाढ़ को सिर्फ और सिर्फ मोटी कमाई का जरिया समझ रहा है मुख्यमंत्री द्वारा एवं जिला प्रभारी मंत्री द्वारा जिला प्रशासन को बार-बार बैठक कर बाढ़ पूर्व तैयारी हेतु निरंतर समीक्षा बैठक कर सचेत किया जा रहा है मालूम हो कि अभी कुछ दिन पहले कैंपियरगंज विधायक फतेह बहादुर सिंह बंधे का निरीक्षण किए हैं।बावजूद इसके जिला प्रशासन के कानों पर जूं तक नहीं रेंग रहा है।इससे आने वाले दिनों में बाढ़ के हालात पैदा होने पर सभी समुदाय को भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ सकता है जिसे लेकर ग्रामीण अभी से दहशत में हैं।
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