जिला प्रशासन द्वारा कार्यालयों (शासकीय/प्राईवेट) से सम्बन्धित विस्तृत दिशा-निर्देश जारी।
गोरखपुर, कार्यालयों (शासकीय/प्राईवेट) से सम्बन्धित दिशा-निर्देशः-
चिकित्सा एवं आवश्यक सेवाओं के अतिरिक्त अन्य कार्यालय कन्टेनमेन्ट जोन में बंद रहेगें। कन्टेनमेन्ट जोन के बाहर स्थित कार्यालयों को ही खोलने की अनुमति होगी।
कार्यालयों में संक्रमण की रोकथाम हेतु विशिष्ट उपायः-
प्रवेश द्वार पर हाथों को कीटाणु-रहित करने के लिए एल्कोहल युक्त सेनेटाईजर (हैण्ड फ्री), डिस्पेंसर और थर्मल स्क्रीनिंग का भी प्रावधान करना होगा।
जिन व्यक्तियों में कोई लक्षण प्रदर्शित नहीं होगा, केवल उन्हें ही परिसर में प्रवेश की अनुमति होगी।
कोई भी अधिकारी और कर्मचारी, जो कि कन्टेनमेन्ट जोन में रहता है उन्हें अपने पर्यवेक्षक अधिकारी को इसकी सूचना देनी होगी और तब तक कार्यालय में उपस्थित नहीं होना होगा जब तक कि कन्टेनमेन्ट जोन निरस्त न कर दिया जाए। ऐसे कर्मचारियों को घर से काम करने की अनुमति होगी तथा इस अवधि को अवकाश के रूप में नहीं गिना जाएगा।
वाहनों के ड्राइवर सामाजिक दूरी बनाए रखेंगे और कोविड-19 से सम्बन्धित निर्देशों का पालन करेंगे। सेवा प्रदाताओं/अधिकारियों/कर्मचारियों द्वारा सुनिश्चित किया जायेगा कि कन्टेनमेट जोन में रहने वाले ड्राइवरों को वाहन चलाने की अनुमति न दी जाए।
01 प्रतिशत सोडियम हाइपोक्लोरोइट घोल/स्प्रे का उपयोग करके वाहन के इंटीरियर के कीटाणु-रहित करने प्रावधान किया जाएगा। स्टीयरिंग, दरवाजे के हैंडल, चाभियाँ आदि को उचित प्रकार से कीटाणु रहित किया जाना चाहिए।
ऐसे सभी कर्मचारी जो कि संक्रमण के प्रति ज्यादा संवेदनशील हो सकते हैं जैसे वृद्ध कर्मचारी, गर्भवती कर्मचारी और ऐसे कर्मचारी जो कि निरन्तर चिकित्सीय पर्यवेक्षण में हों जैसे दमा, मधुमेह, हृदयरोग, कैन्सर अथवा किडनी रोग वाले मरीजों को ज्यादा सतर्क रहने की सलाह दी जाए। उन्हें प्रायः जनता के साथ सीधे सम्पर्क की आवश्यकता वाले किसी भी फ्रंट-लाइन काम के सम्पर्क में नहीं आने देना चाहिए। जहाँ भी संभव हो, ऐसे कर्मचारियों को घर से काम की सुविधा प्रदान की जाए।
सभी अधिकारियों और कर्मचारियों/आगंतुकों को, फेस कवर/मास्क का उपयोग करने पर ही कार्यालय में प्रवेश की अनुमति दी जाए। उन्हें कार्यालय परिसर के अन्दर हर समय फेस कवर/मास्क पहनना आवश्यक होगा।
आगंतुक एवं अस्थायी पास जारी करने की रूटीन व्यवस्था को निलंबित कर ऐसे आगंतुक, जिन्हे किसी अधिकारी द्वारा मुलाकात की अनुमति प्रदान की जायेगी उन्हें आवश्यक स्क्रीनिंग/जांच के बाद ही कार्यालय में प्रवेश की अनुमति प्रदान की जाये।
बैठकें, जहाँ तक सम्भव हो, वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से की जाए।
कोविड-19 के रोकथाम के उपायों को पोस्टर/स्टैण्डीज/एवी मीडिया के माध्यम से प्रमुखता से प्रदर्शित किया जाए।
कार्यालय अवधि, दोपहर के भोजन आदि के समय को जहाँ तक सम्भव हो, ऐसे री - अरेंज किया जाए ताकि सामाजिक दूरी के मानक को कायम रखा जा सके।
परिसर के बाहर और पार्किंग स्थल में सोशल-डिस्टेन्सिंग के मानदण्डों को सुनिश्चित करते हुए भीड़ आदि का उचित प्रबन्धन किया जाना चाहिए।
वैले-पार्किग उपलब्ध होने की स्थिति में परिचालन कार्मिकों द्वारा उपयुक्त कवर/ मास्क और दस्तानों का प्रयोग किया जायेगा। वाहनों के स्टीयरिंग, दरवाजे के हैंडल, चाभियों आदि को उचित प्रकार से कीटाणु रहित किया जाना चाहिए।
कार्यालय परिसर के बाहर और भीतर कोई भी दुकान, स्टॉल, कैफेटेरिया आदि में सामाजिक दूरियों के मानदंडों का पालन हर समय सुनिश्चित किया जायेगा।
कार्यालय परिसर के भीतर ‘क्यू’ का प्रबन्धन और सामाजिक दूरी सुनिश्चित करने के लिए पर्याप्त दूरी के साथ विशिष्ट मार्किंग की जा सकती है। अधिकारियों, कर्मचारियों और आगंतुकों के लिए यथासंभव अलग प्रवेश और निकास का प्रबन्ध किया जाए।
कार्य-स्थलों, विशेष रूप से अधिक स्पर्श की जाने वाली सतहों की उचित सफाई व्यवस्था व लगातार सेनेटाइजेशन सुनिश्चित की जाए। वाशरूम में हैण्ड सेनिटाइजर, साबुन और बहते पानी की नियमित आपूर्ति सुनिश्चित की जाए।
कार्यालय में आपूर्तित माल, सामग्री एवं यंत्र आदि के परिचालन में लाने के दौरान आवश्यक सावधानी सुनिश्चित की जाए। कार्यालयों में बैठने की व्यवस्था इस तरह से की जाए कि पर्याप्त सामाजिक दूरी बनी रहे।
लिफ्ट में लोगों की संख्या को सीमित किया जाए, जिससे सामाजिक दूरी के मानदंडों को बनाए रखा जा सके।
एयर-कंडीशनरों/वेन्टिलेशन के साधनों के प्रयोग के समय तापमान 24-30 डिग्री के मध्य एवं आर्द्रता की सीमा 40 से 70 प्रतिशत के मध्य होनी चाहिए। क्रॉस-वैन्टिलेशन का प्रबन्धन इस प्रकार से होना चाहिए कि ज्यादा से ज्यादा ताजी हवा अन्दर आ सके।
बड़ी सभाएं पूर्ववत् निषिद्ध रखी जाएं।
परिसर के भीतर विशेषकर शौचालयों, पानी पीने और हाथ धोने के स्थलों पर प्रभावी एवं सतत् सेनेटाईजेशन किया जाए।
कार्यालय परिसर और कामन क्षेत्रों में बारम्बार स्पर्श की जाने वाली सतहों यथा दरवाजों के हैंडिल, एलिवेटर बटन, हाथ की रेलिंग/बेंच, वॉशरूम, फर्नीचर आदि को 01 प्रतिशत सोडियम हाइपोक्लोराइट का उपयोग करके सफाई व निरन्तर निःसंक्रमित किया जाए। आगंतुकों और कर्मचारियों द्वारा छोड़े गये फेस कवर/मास्क/दस्ताने का उचित निस्तारण सुनिश्चित किया जाए।
प्रत्येक कार्यालय हेतु एक पर्यवेक्षणी अधिकारी के अधीन वरिष्ठ कर्मचारी को उपर्युक्त व्यवस्था सुनिश्चित करने हेतु नामित कर दिया जाय।
कैफेटेरिया/कैण्टीन/डाइनिंग हॉल में निम्न व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जाएः-
सामाजिक दूरी के मानदण्डों को सुनिश्चित करते हुए भीड़ और कतार प्रबन्धन।
कर्मचारी/वेटर को मास्क व हाथ के दस्तानों के साथ अन्य आवश्यक सुरक्षात्मक उपाय प्रयोग करने लिए निर्देश।
जहाँ तक संभव हो, एक-दूसरे के मध्य कम से कम 01 मीटर की दूरी बनाते हुए बैठने की व्यवस्था।
रसोई में, कर्मचारियों द्वारा सामाजिक दूरी के मानदंडों का पालन।
कोविड-19 के प्रकरण मिलने पर किये जाने वाले उपायः-
उपरोक्त उपाय करने के बावजूद, कार्यालय में काम करने वाले कर्मचारियों में कोविड-19 मामलों से इंकार नहीं किया जा सकता। ऐसी परिस्थितियों में निम्नलिखित उपाय किए जाएंगेः-
जब एक या कुछ व्यक्ति, एक कमरा /कार्यालय को साझा करते हैं, कोविड-19 के लक्षणों से ग्रस्त पाए जाते हैं, तो-
बीमार व्यक्ति को एक कमरे या क्षेत्र में रखा जाए जहाँ वे कार्यस्थल पर दूसरों से अलग हों। उन्हें ऐसे समय तक मास्क/फेस कवर प्रदान किया जाए जब तक कि उनकी जांच किसी चिकित्सक द्वारा न कर ली जाए।
निकटतम चिकित्सा सुविधा ( अस्पताल/क्लीनिक ) को तुरंत सूचित करें या राज्य या जिला हेल्पलाइन नं0 18001805145 या मुख्य चिकित्साधिकारी, गोरखपुर के हेल्प लाइन 0551-2205145 पर कॉल करें।
जोखिम का मूल्यांकन नामित सार्वजनिक स्वास्थ्य प्राधिकारी ( जिला आर.आर. टी/उपचार चिकित्सक ) द्वारा किया जाएगा और तद्नुसार मामले के प्रबंधन, उनके संपर्को और कीटाणु रहित किए जाने की आवश्यकता के बारे में आगे सलाह दी जाएगी।
स्वास्थ्य अधिकारियों द्वारा मूल्यांकन पर यदि संदिग्ध प्रकरण हल्के लक्षणों वाला पाया जाता है तो उसे होम क्वारन्टीन के तहत रखा जाएगा।
अगर स्वास्थ्य अधिकारियों द्वारा संदिग्ध प्रकरण को मध्यम से गंभीर प्रकरण के रूप में मूल्यांकन किया जाता है, तो उन्हें उचित स्वास्थ्य सुविधा सहित स्वास्थ्य प्रोटोकॉल के अनुसार उपचार की कार्यवाही की जाएगी।
संबंधित जिले की रैपिड रिस्पांस टीम से संपर्को की सूची तैयार किये जाने की अपेक्षा की जाएगी
मरीज की रिपोर्ट पॉजिटिव मिलते ही कार्यस्थल के संपर्क ट्रेसिंग और निःसंक्रमण के लिए आवश्यक कार्यवाही प्रारम्भ की जाएगी। इस उद्देश्य के लिए सूचना प्राप्त किए जाने में तेजी लायी जाएगी।
यदि पूर्व लक्षण वाले प्रकरण बड़ी संख्या में चिन्हित होते हैं, तो कार्यस्थल में क्लस्टर के उभरने की संभावना हो सकती है। कार्यस्थल के सघन वातावरण में होने के कारण यह एक बड़ा क्लस्टर भी हो सकता है। ऐसी स्थिति में जोखिम मूल्यांकन, आइसोलेशन और संपर्को के क्वरंटीन, केस रेफरल और प्रबन्धन के आवश्यक सिद्धान्त समान रहेंगे, हालांकि व्यवस्थाओं का पैमाना अधिक होगा।
संपर्कों का प्रबन्धनः-
जिला रैपिड रिस्पांस टीम द्वारा संपर्कों को उच्च और निम्न जोखिम वाले संपर्को में विस्तृत रूप से वर्गीकृत किया जाएगा।
उच्च जोखिम संपर्क वालो को 14 दिन के लिए क्वारंटीन किया जाएगा।
इन व्यक्तियों को प्रोटोकाल के अनुसार परीक्षण से गुजरना होगा।
कम जोखिम वाले संपर्क व्यक्ति कार्य करते रहेंगे, लेकिन अगले 14 दिनों तक इनके स्वास्थ्य की निगरानी की जाएगी।
यदि कार्य स्थल पर एक या दो प्रकरण ही चिन्हित हैं, तो कीटाणु रहित किए जाने की प्रक्रिया पिछले 48 घंटों में रोगी द्वारा किए गए भ्रमण स्थलों/क्षेत्रों तक सीमित रहेगी। सम्पूर्ण कार्यालय भवन अथवा कार्यालय के अन्य क्षेत्रों में कार्य को बंद करने की आवश्यकता नहीं है। यहाँ निर्धारित प्रोटोकॉल के अनुसार निःसंक्रमित किए जाने के पश्चात् कार्य पुनः प्रारम्भ किया जा सकता है।
यदि किसी परिस्थिति में बड़ी संख्या में प्रकरण आते है तो पूरी से कीटाणु रहित किए जाने के पश्चात् भवन/ब्लॉक को 48 घण्टे के लिए बंद करना होगा। जब तक भवन/ब्लॉक को पर्याप्त रूप से विसंक्रमित करते हुए पुनः कार्य किए जाने योग्य घोषित नहीं कर दिया जाता, तब तक सभी कर्मचारियों को घर से कार्य करने की अनुमति दी जाए।
यदि आवश्यक सेवाओं का कार्यालय है तो वैकल्पिक स्थान पर कार्याल संचालन करने की व्यवस्था की जाए।
कार्यालयों को कीटाणु रहित किए जाने की प्रक्रियाः-
स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग द्वारा निःसंक्रमण हेतु विस्तृत दिशा - निर्देश जो कि विभागीय वेबसाईट पर उपलब्ध है, अनुपालन किया जाएगा।
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