मंदिर की मुहर लगी तब बारात ले जाने की आई हिम्मत
गोरखपुर:- अनलॉक 01 में वैवाहिक कार्यक्रम को लेकर आवाजाही में किसी प्रकार की बंदिश नहीं है। बावजूद इसके लोगों में खौफ बरकरार है। ऐसे लोग सर्वाधिक घबराए हुए हैं जिन्हें बारात लेकर दूसरे राज्यों में जाना है। जनप्रिय विहार के शिवजतन की बारात 19 जून को बिहार जानी है। अनमुति के लिए वह सात दिनों तक प्रशासनिक अधिकारियों के कार्यालयों का चक्कर लगाते रहे। सफल नहीं हुए तो उन्होंने पार्षद से सम्पर्क साधा। उनके सुकून के लिए पार्षद ने गोरखनाथ मंदिर से पत्र जारी कराया। शिवपूजन की बारात अब शुक्रवार को बिहार के लिए निकलेगी। जनप्रिय विहार में किराना की दुकान संचालित करने वाले शिवपूजन की शुक्रवार को बारात जानी है। सरकार की तरफ से स्पष्ट कर दिया गया है कि आवाजाही को लेकर किसी प्रकार की दिक्कत नहीं है, इसके बाद भी शिवपूजन प्रशासन से अनुमति के लिए अफसरों के पास भागदौड़ करते रहे। अफसर से लेकर कर्मचारी तक समझाते रहे कि अनुमति को कोई जरूरत नहीं है, सिर्फ सोशल डिस्टेंसिंग का ख्याल रखना है। शादी की अनुमति चाहिए भी तो वह बिहार प्रशासन देगा। अफसरों द्वारा अनुमति नहीं दिये जाने के बाद शिवपूजन स्थानीय पार्षद ऋषि मोहन वर्मा के पास पहुंचे। पार्षद उन्हें लेकर गोरखनाथ मंदिर पहुंचे। गोरखनाथ मंदिर की तरफ से आवेदन में मुहर लगा दी गई। इसके बाद उसने राहत की सांस ली। शिवपूजन का कहना है कि दूसरे राज्य में बारात जानी है। पूरी सादगी के साथ शादी होनी है। इसके बाद भी प्रशासनिक अफसरों और पुलिस का खौफ है। न जाने कहां रोक दिया जाए। अब मंदिर की मुहर के बाद किसी प्रकार का डर नहीं है। पार्षद ऋषि मोहन वर्मा का कहना है कि अनलॉक 01 में खौफ कम नहीं हुआ है। दूल्हा बनने वाले शिवपूजन को पत्र साथ रखने की बात कही है। परिवार के ही करीब 15 लोग बारात जा रहे हैं।
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