प्रदेश के टॉप-10 विवेचकों की दौड़ में गोरखपुर के 28 पुलिस इंस्पेक्टर:
यूपी के टॉप-10 टेन विवेचक कौन! शासन इसकी परख कर रहा है। इस दौड़ में गोरखपुर जिले में तैनात 28 पुलिस इंस्पेक्टर शामिल हैं। एसएसपी डा. सुनील गुप्ता ने उत्कृष्ट और त्रुटिरहित विवेचनाएं करने वाले विवेचनाधिकारियों के चयन की जिम्मेदारी क्षेत्राधिकारियों को सौंप दी है। क्षेत्राधिकारियों द्वारा बेहतर विवेचनाओं का अवलोकन किया जा रहा है। बेस्ट : फोर विवेचनाएं जिनकी होगी उनका नाम सूची में शामिल किया जाएगा। जिले स्तर से जिन विवेचनाधिकारियों का नाम शासन में भेजा जाएगा वे टाप: 10 पदक की प्रतिस्पर्धा में अपनी सहभागिता दर्ज कराएंगे।
अपर पुलिस महानिदेशक अपराध डा. केएस प्रताप कुमार की चिट्ठी मिलने के बाद एसएसपी डा. सुनील कुमार ने जिले के टॉप विवेचकों की सूची तैयार करने की जिम्मेदारी क्षेत्राधिकारियों को सौंप दी है। यूं तो इस दौड़ में मुख्य आरक्षी से लेकर पुलिस अधीक्षक तक की विवेचनाओं का आंकलन किया जाएगा। इनमें जिसने भी अच्छी विवेचनाएं की हैं, उनका नाम सूची में शामिल किया जाएगा। एसएसपी द्वारा जिम्मेदारी मिलने के बाद क्षेत्राधिकारियों ने बेहतर विवेचनाओं का चयन करना शुरू कर दिया है।
शासन स्तर से हो रही विवेचकों की इस परख में सबसे बड़ी शर्त कि उसकी कुशलता और ज्ञान का आंकलन एक नहीं चार विवेचनाएं देखकर की जाएगी। जो भी सूची तैयार की जाएगी उसमें एक महिला विवेचनाधिकारी का नाम शामिल किया जाना अनिवार्य है। पुलिस कार्यालय से जुड़े आरक्षियों का कहना है कि भले ही इस अनूठी प्रतियोगिता में मुख्य आरक्षी से लेकर पुलिस अधीक्षक तक को शामिल किया गया है लेकिन गोरखपुर जिले में 28 इंस्पेक्टरों पर सबकी नजर है। उम्मीद जताई जा रही है कि शासन स्तर की इस प्रतियोगिता में जिले का कोई न कोई इंस्पेक्टर अपनी सहभागिता जरूर दर्ज कराएगा।
उत्कृष्ट विवेचना आरोपितों को दंड दिलाने में मददगार
मुख्य आरक्षी से लेकर पुलिस अधिकारियों तक का कहना है कि बेहतर विवेचनाएं वही होती हैं जिनके आरोपितों को सजा जरूर मिले। विवेचक की सूझ-बूझ और विधि का ज्ञान मुकदमें की पैरवी के दौरान शासकीय अधिवक्ताओं की मददगार साबित होती है। गुण-दोष के आधार पर की गई त्रुटिरहित विवेचनाएं आरोपितों को सजा दिलाने की ठोस वजह बनती हैं।
आठ जून तक देनी है रिपोर्ट
अपर पुलिस महानिदेशक अपराध द्वारा वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक को भेजे गए पत्र में कहा गया है कि बेहतर काम करने वाले विवेचनाधिकारियों की सूची
8 जून तक हर हाल में भेज दी
जाए।
यही वजह है कि क्षेत्राधिकारियों द्वारा पूरी तत्परता के साथ बेहतर विवेचनाओं का अवलोकन किया जा रहा है।
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