उनके आधार वोट बैंक पर असर डालेगी

 


मुख्यमंत्री याेगी आदित्यनाथ ने दाेनों जगहों के मामले में फौरन कार्रवाई की और जौनपुर में अग्निकांड के मास्टर माइंड समाजवादी पार्टी के नेता जावेद समेत 35 लोगों को गिरफ्तार कर उनके खिलाफ गैंगेस्टर और राष्ट्रीय सुरक्षा कानून के तहत कार्रवाई की । जिनके घर जले उन्हें घर बनाने के लिये दस लाख रूपये से ज्यादा की आर्थिक मदद की गयी । जौनपुर जिला प्रशासन ने भी जले घर की भरपाई के लिये उन लोगों से जुर्माना वसूलने की बात कही जा रही है ।
इसी तरह आजमगढ़ में दलित महिलाओं और लड़कियों के साथ मारपीट करने वाले मुस्लिम युवकों पर गैंगेस्टर और रासुका लगाया गया है। अस मामले में भी दस लोग गिरफ्तार किये गये हैं। पुलिस अन्य लोगों की गिरफ्तारी के लिये लगातार छापेमारी कर रही है ।
इन दोनों मामलों में चुप्पी पर सुश्री मायावती विपक्ष के निशाने पर आ गयी थी। लोग उनके दलित प्रेम पर सवाल उठा रहे थे । दलितों के सवाल पर अब तक लगातार मुखर रहीं बसपा प्रमुख की चुप्पी को राजनीतिक पर्यवेक्षक उनके वोट बैंक से जोड़कर देख रहे थे। उन्होंनें अनुसूचित जाति ,मुस्लिम गठजोड़ से पिछले साल समाजवादी पार्टी के साथ गठबंघन कर लोकसभा की दस सीटें जीत ली थीं जबकि सपा को पांच सीट ही मिल पायी थी। लोकसभा के 2014 के चुनाव में बसपा का सूपड़ा साफ हो गया था।
बसपा प्रमुख चुनाव में मुस्लिमों से बहुत उम्मीद देख रही हैं तो अपने आधार वोट बैंक को खोना भी नहीं चाहतीं । वो जानती हैं कि दलितों के उत्पीड़न पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की कठोर कार्रवाई उनके आधार वोट बैंक पर असर डालेगी और वो भाजपा की ओर मुड़ जायेंगे।


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