ब्राह्मण ही करेंगे 2022 में  भाजपा का सफाया :जितेंद्र पांडेय 


  उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी के सदस्य जितेंद्र पांडेय ने कहा कि उत्तर प्रदेश में लगातार ब्राह्मणों पर हो रहे अत्याचार और हत्याएं इस बात का साक्ष्य देती हैं कि उत्तर प्रदेश की सरकार ब्राह्मणों की हितैषी नहीं रह गई आए दिन ब्राह्मणों की हत्याएं यह बता रही है कि ब्राह्मण समाज इस सरकार में सुरक्षित नहीं है जातिगत भावना इस सरकार में कूट-कूट कर भरी पड़ी है जिसके कारण आज ब्राह्मणों को अनदेखी किया जा रहा है लगातार हो रही ब्राह्मण की हत्या पर आखिर प्रदेश सरकार चुप क्यों है प्रदेश के मुखिया योगी आदित्यनाथ ब्राह्मणों की हत्या करने वाले अपराधी पर लगाम क्यों नहीं लगा रहे उसका एनकाउंटर क्यों नहीं करवा रहे हैं भाजपा चुनाव के समय ब्राह्मण के लिए लुभावने ऑफर लेकर आते हैं परंतु चुनाव के बाद ब्राह्मणों को अनदेखा कर दिया जाता है और सबसे ज्यादा कष्ट ब्राह्मणों को ही सहना पड़ता है वह दिन दूर नहीं  जब ब्राह्मण ही उत्तर प्रदेश की भाजपा सरकार का प्रदेश से एनकाउंटर करेगी आज प्रदेश में सबसे ज्यादा पीड़ित ब्राह्मण है भाजपा सरकार यह भूल गए हैं की ब्राह्मणों के एकजुटता ने भाजपा को उत्तरप्रदेश का ताज पहनाया यदि ब्राम्हण ताज पहना सकते हैं तो वह ताज उतार भी सकते हैं प्रदेश के ब्राह्मणों में बहुत क्रोध है उत्तर प्रदेश मे लखनऊ के कमलेश तिवारी, गोरखपुर में राजकुमार तिवारी, सत्य प्रकाश शुक्ला की कस्टोडियल डेथ, लखनऊ का चर्चित विवेक तिवारी हत्याकांड, झांसी में जगदीश उडेनिया, उनकी मां कुमुद, पत्नी रजनी व बेटी मुस्कान की सोते समय आग लगाकर हत्या, रायबरेली में 5 ब्राह्मणों की हत्या, मेरठ में मुकेश शर्मा की हत्या, बस्ती में आदित्य नारायण तिवारी की हत्या, मैनपुरी के नवोदय विद्यालय के एक हॉस्टल में छात्रा की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत और एटा जनपद में 5 ब्राह्मणों की हत्या शामिल है. ये सभी आरोप जितेंद्र पांडेय ने लगाया। योगी सरकार जातिगत भावना में इतनी बह गई है की ब्राह्मणों का शोषण के मामले में उत्तरप्रदेश पहले स्थान पर है क्या ब्राह्मणों को जीने का हक नहीं है क्या वे अपने अधिकार के लिए लड़ नहीं सकते क्या भाजपा सरकार में ब्राह्मणों का जो सम्मान होना चाहिए वह हो रहा है इस तरह के कई सवाल है जो ब्राह्मणों की स्वाभिमान को ठेस पहुंचाते हैं प्रदेश की भाजपा सरकार मैं ब्राह्मण खुद को कुंठित महसूस कर रहा है और इस कुंठा के कारण ब्राह्मण समाज भाजपा से दूरी बनाने की सोच रहा है क्योंकि सही मायने में भाजपा ब्राह्मणों की पार्टी नहीं रह गई ब्राह्मणों के साथ छल किया गया ब्राह्मणों के साथ धोखा हुआ है और इस धोखे का बदला आगामी 2022 के विधानसभा चुनाव में ब्राह्मण एकता मिलकर भाजपा को सबक सिखाएगी ब्राह्मणों की अनदेखा करना इस सरकार के लिए अभिशाप साबित होगा और यह सरकार अपना दिन गिनना शुरू कर दे


टिप्पणियाँ

इस ब्लॉग से लोकप्रिय पोस्ट

सपा अध्यक्ष को लगता है कि मुसलमान उनकी जेब में हैं: मायावती

हार-जीत से बड़ा है सक्षम बनना

24 जुलाई 2026 को चंद्रमा दिखाई देगा अन्टारेस (ज्येष्ठा नक्षत्र के योगतारा) के पास