डॉक्टर शैलेंद्र मणि त्रिपाठी को भारत सरकार ने किया नामित
गोरखपुर, प्रतिष्ठित पत्रकार व संपादक डॉ शैलेंद्र मणि त्रिपाठी को केंद्रीय संस्कृति मंत्रालय की महत्वपूर्ण संस्था दिल्ली लाइब्रेरी बोर्ड का सदस्य नामित किया गया है। बोर्ड सदस्य के रूप में उनका कार्यकाल तीन वर्ष का होगा।
मूल रूप से कुशीनगर जिले के ग्राम बैरिया निवासी डॉ शैलेंद्र मणि गत 33 वर्षों से पत्रकारिता जगत में सक्रिय हैं और अपनी लेखन शैली के साथ ही प्रबंधकीय क्षेत्र में भी विशिष्ट पहचान बनाई है। गोरखपुर विश्वविद्यालय से 1985 में विधि स्नातक और 1987 में राजनीति शास्त्र में परास्नातक की शिक्षा हासिल करने वाले डॉ शैलेंद्र मणि ने अपने पत्रकारीय सफर की शुरुआत 1987 में दैनिक जागरण गोरखपुर से बतौर संवाददाता की। अपनी लेखनी और कार्यक्षमता के दम पर वह 1997 से 2011 तक इस प्रतिष्ठित समाचार पत्र के संपादकीय प्रमुख़, यूनिट हेड, मुद्रक व प्रकाशक रहे। सम्प्रति सिटी टाइम्स लखनऊ और दिल्ली के संपादक डॉ शैलेंद्र मणि 2012 से 2013 तक जनसंदेश टाइम्स के भी संपादक रह चुके हैं।
राजनीतिक, सामाजिक, आध्यात्मिक, सांस्कृतिक व समसामयिक विषयों पर नियमित स्तम्भ लेखन के साथ निरंतर अध्ययन की स्व प्रेरणा से उन्होंने गोरखपुर विश्विद्यालय के राजनीति विज्ञान विभाग से "भारत की गुटनिरपेक्ष नीति 1961 से 1971 तक" विषय पर शोध कार्य पूरा किया और 2005 में डॉक्टरेट की उपाधि से विभूषित हुए।
पत्रकारीय सरोकारों की व्यस्तता और संपादकीय जिम्मेदारियों के बीच डॉ शैलेंद्र मणि ने दर्जनभर किताबों का लेखन भी किया है जिनमें शबद हमारा सांच का, अयोध्या के राम, धर्म और राजनीति, और राधा माधव हो गई, मीडिया और हमारा समय, संस्कृति और परंपरा प्रमुख हैं। संस्कृति संवर्धन के लिए डॉ शैलेंद्र गोरखपुर और लखनऊ में कई सांस्कृतिक कार्यक्रमों, प्रदर्शनियों का सफल संयोजन भी कर चुके हैं। उन्हें दिल्ली लाइब्रेरी बोर्ड का सदस्य नामित किये जाने पर पूर्वांचल के पत्रकारों में खुशी की लहर है।
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