तमकुही में नामित नोडल शिक्षक बने चर्चा का विषय
आखिर दूसरे न्यायपंचायत में कार्यरत शिक्षक को दूसरे न्यायपंचायत में जिम्मेदारी देने की क्यो पड़ी जरुरत
साहब ! एक नजर कुशीनगर के तमकुही विकास खण्ड के बेसिक विभाग पर भी
शासन की ओर से एबीआरसी, एनपीआरसी का पद समाप्त कर दिया गया है, लेकिन कुशीनगर के तमकुही विकास खण्ड में प्रत्येक न्याय पंचायत में अपने चहेतों को नोडल शिक्षक बनाये जाने की प्रक्रिया काफी चर्चा में है।
सूत्रों की माने तो नोडल शिक्षक नामित किये जाने से सम्बंधित ऐसा कोई भी शासनादेश नही है
अब ये नोडल शिक्षक की क्या भूमिका होगी, यह सर्वविदित हैं। चहेतो को यह भूमिका दिए जाने का प्रत्यक्ष प्रमाण इसी चयन से लगाया जा सकता हैं कि शिक्षक दूसरे न्याय पंचायत में कार्यरत हैं और उन्हें दूसरे न्याय पंचायत का नोडल शिक्षक बना दिया गया है। चर्चा है कि तमकुही के साहब का फरमान ही शासनादेश है यहां शासन का आदेश के कोई मायने नही है। अगर नोडल शिक्षक चयन के लिए शासनादेश नही है तो फिर किस शासनादेश के तहत यह चयन किया गया है। दूसरी कि शासनादेश के तहत अगर चयन हुआ भी हैं तो फिर दूसरे न्याय पंचायत के शिक्षक को दूसरे न्याय पंचायत की जिम्मेदारी देने की जरूरत क्यों पड़ी। ये तमाम सवाल है जिसकी सच्चाई से पर्दा जांच के बाद ही स्पष्ट हो पायेगा। अगर किसी के पास नोडल शिक्षक चयन से संबंधित शासनादेश हो तो उपलब्ध कराए।
वैसे उक्त प्रकरण की जानकारी के बाद भी जिम्मेदार चुप है।
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