वर्तमान महिला ग्राम प्रधान को फर्जी षड्यंत्र के तहत फसाने की विपक्ष भूतपूर्व प्रधान की साजिश
कुशीनगर में कसया ब्लॉक क्षेत्र अंतर्गत ग्रामसभा धुरिया मे पूर्व मे 2005-10 तक सुनील राय प्रधान रहे। जबकि उस समय 70 इंद्रा आवास आया था l 2015-20 तक मुख्यमंत्री आवास उन्हीं लोगों को चयनित किया गया है ब्लॉक के अधिकारी और जांच अधिकारी की मिलीभगत से अगर 2005 से 10 के बीच में आवास बने होते तो आज इन्हीं लोगों को मुख्यमंत्री आवास चयन नहीं किया गया होता जिससे ग्राम सभा के और गरीब व्यक्तियों को आवास मिला होता जिन लोगों को इंदिरा आवास एवं मुख्यमंत्री आवास एक ही व्यक्तियों को दो बार दिया गया हो इन लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करा कर पैसा रिकवरी कराकर उत्तर प्रदेश सरकार के कोष में जमा कराइ जाए l जबकि 2005 से 10 के बीच में आवास की सूची ग्राम प्रधान द्वारा दिया जाना चाहिए लेकिन वही 2015 से 20 के बीच में शासन द्वारा लाभार्थियों का चयन किया गया है जिसमें ग्राम प्रधान और सचिव की कोई भूमिका नहीं होती है l 2015 से 20 की आवास का जांच अधिकारी एवं विकास खंड अधिकारी द्वारा सूची जारी की जाती है 2005 से 2010 में ग्राम प्रधान और सचिव द्वारा प्रस्ताव भेजा जाता था लेकिन आवास नहीं बनने पर ग्राम प्रधान और सचिव जिम्मेदार होते थे l अगर यह लोग 2005 से 10 के बीच में जो इंदिरा आवास आया था बनवा दिए होते लोग तो आज उन्हीं लाभार्थियों को मुख्यमंत्री आवास नहीं मिलता गांव के और पात्र व्यक्तियों को आवास आवंटन किया जाता जब इसकी शिकायत ग्राम प्रधान प्रतिनिधि मनोज कुमार दास ने अधिकारियों से किया तो पूर्व प्रधान और कुछ अधिकारी मिलकर वर्तमान ग्राम प्रधान प्रतिनिधि पर फंसाने का आरोप लगा रहे हैं l जबकि यह सत्य है कि एक व्यक्ति को दो आवास नहीं दिया जा सकता जबकि ग्रामसभा धुरिया में ऐसा ही कार्य अधिकारी और पूर्व प्रधान के द्वारा मिलीभगत से किया गया 2005 से10 में जो आवास आए थे वह एक भी आवास धरातल पर मौजूद नहीं हुए पूर्व प्रधान और लाभार्थी मिल के अधिकारियों से सारा पैसा बर्बाद कर दिया l और एक भी आवाज खड़ा नहीं हुआ ग्राम पंचायत धुरिया कसया,कुशीनगर में इंदिरा आवास में 2005 से10 के बीच घोर धांधली की गई पूर्व प्रधान सुनील राय के द्वारा 70 में एक भी आवास नहीं बने जब ग्राम प्रधान प्रतिनिधि मनोज कुमार दास को मालूम चला कि हमारे ग्राम पंचायत धुरिया में पूर्व में 70 इंदिरा आवास आए थे उस वक्त ग्राम प्रधान सुनील राय जी थे और एक भी आवास बना नहीं और फिर 2018 से 20 के बीच में उन्हीं लोगों को मुख्यमंत्री आवास भी अधिकारियों की मिलीभगत से चयन किया गया है l तो ग्राम प्रधान प्रतिनिधि ने माननीय मुख्यमंत्री जी से रजिस्ट्री के माध्यम से शिकायत दर्ज कराई कि इनकी जांच करा कर दोषियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करा कर पैसे की रिकवरी कराई जाए l देखा जाए कि अधिकारियों की मिलीभगत से जांच में क्या सामने आता है पूर्व प्रधान साजिश के तहत लाभार्थियों को वर्तमान प्रधान पर आरोप भी लगवा रहे हैं कि इसकी जांच ना हो l
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