सहारनपुर, 05 फरवरी (वार्ता) बहुजन समाज पार्टी (बसपा) की अध्यक्ष मायावती ने उत्तर प्रदेश के विधान सभा चुनाव में पार्टी की ओर से सभी समाज के लोगों को टिकट दिये जाने का दावा करते हुए समाजवादी पार्टी (सपा) पर मुसलमानों की अनदेखी करने का आरोप लगाया है। सुश्री मायावती ने शनिवार को सहारनपुर में सार्वजनिक सभा को संबोधित करते हुए मुस्लिम समाज से पूछा, “उत्तर प्रदेश में सपा की सरकार हटने पर भाजपा के सत्ता में आने के बाद मुसलमानों ने सपा का सबसे ज्यादा साथ दिया, यह सबको मालूम है, लेकिन उसके बदले में मुस्लिम समाज को सपा से क्या मिला? मुस्लिम समाज के लोगों से मैं यह पूछना चाहती हूं कि सपा ने उत्तर प्रदेश में कितने टिकट मुस्लिम समाज के लोगों को दिये।” बसपा प्रत्याशियों के पक्ष में प्रचार करने यहां पहुंची पार्टी सुप्रीमाे ने सपा पर मुजफ्फरनगर कांड की आड़ में पश्चिमी उत्तर प्रदेश का भाईचारा खत्म करने का भी आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि यह घटना पश्चिमी उत्तर प्रदेश में हुए दंगे का सबसे बड़ा उदाहरण है। सुश्री मायावती ने कहा कि मुजफ्फरनगर कांड में जाटवों के साथ-साथ मुस्लिम समुदाय को भी जान माल का बहु...
अमिताभ स. 'सफलता और असफलता में से किसी एक का पलड़ा भारी नहीं है, क्योंकि सीखते हम दोनों से हैं।Ó कहना है, इसरो के पूर्व प्रमुख व जाने-माने वैज्ञानिक डॉ. के. सिवन का। सच है कि जीत या सफलता एक मन:स्थिति है। लेकिन कुछ हासिल करना या किसी को परास्त करना, वास्तव में जीत कहां है? आप जैसे हैं, वैसे ही खुश हैं, यह सफलता के असल मायने हैं। बस खेलते रहना जीत से कम बड़ी बात नहीं है। जीतने या हारने से ज्यादा अहमियत सक्षम बनने की है। सयाने बताते हैं कि जिंदगी जीने की जो सीख खेल-खेल में मिलती है, वह किसी से नहीं मिलती। सुबह की सैर और जिम में कसरत सेहत जरूर दुरुस्त रखते हैं, लेकिन खेलों जैसा चौतरफा व्यक्तित्व निखार नहीं ला पाते। हारना सिखाना ही खेलों की बड़ी खूबी है। जबकि कोई हारना नहीं चाहता, न ही किसी को हारना आता है। स्कूली और गली-मोहल्लों के खेलों में तो बचपन ही गुजरता है कि हारते जाओ, फिर भी खेलते जाओ। कोई कितना हारे, खेलने के मौके कम नहीं होते। खेलों की भांति जिंदगी में भी तमाम चुनौतियों से दो-चार होना पड़ता है- कुछ जीतते हैं, कुछ हारते हैं। जाने-माने उद्योगपति अज़ीम प्रेमजी बताते हैं, 'क...
खगोलविद अमर पाल सिंह ने बताया कि खगोल प्रेमियों के लिए 24 जुलाई 2026 की रात्रि में एक शानदार खगोलीय युति घटित होने वाली है उन्होंने बताया कि इस दौरान शुक्ल पक्ष का बढ़ता हुआ (Waxing Gibbous) चंद्रमा, वृश्चिक तारामंडल के 'हृदय' के रूप में प्रसिद्ध लाल महादानव तारे 'अन्टारेस (Antares)' के पास दिखाई देगा या कुछ यूं कहें कि 24 जुलाई 2026 की शाम शुक्ल पक्ष का चंद्रमा वृश्चिक तारामंडल के प्रमुख लाल महादानव तारे अन्टारेस जिसे भारतीय खगोल विज्ञान की भाषा में ज्येष्ठा नक्षत्र के योगतारा के रूप में भी जाना जाता है जोकि चन्द्रमा के अत्यंत निकट दिखाई देगा। कैसे और कब देखें ? खगोलविद अमर पाल सिंह ने बताया कि यह सुंदर खगोलीय युति नंगी आँखों से देखी जा सकेगी,वैसे तो इस खगोलीय दृश्य को देखने के लिए किसी विशेष दूरबीन/ टेलीस्कोप या विनॉकुलर आदि की आवश्यकता नहीं है, क्योंकि चंद्रमा और अन्टारेस की यह युति नंगी आँखों से भी आसानी से ही दिखाई देगी। हालांकि, यदि आप के पास कोई छोटी दूरबीन या विनोकुलर आदि उपकरण मौजूद हैं और आप उसका उपयोग करेंगे,तो यह दृश्य और भी अधिक स्पष्ट, सुंदर एवं आकर...
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