हरितालिका तीज आज ,तैयारी में जुटी सुहागिन
आनन्दनगर----महराजगंज-- हरितालिका तीज पति के दीर्घायु होने का उत्तम व्रत हैं ।इस व्रत को सुहागिन महिलाएं निर्जला व्रत रहकर पति के दीर्घायु होने के लिए कठिन तपस्या तपस्या करती हैं। हारतालिका तीज व्रत शुक्रवार को शुरू होकर शनिवार को समाप्त होगा।तीन पहर नदी तालाब व पोखरे मे स्नान कर शिवमँदिरो मे पहुंच कर विभिन्न पूजन सामाग्रियों से शिव पार्वती गणेश व कुमार कार्तिकेय की पूजा विधिवत कर अपने सुहाग के अशीर्वाद माँगती हैं और पति के दीर्घायु होने की कामना करती हैं।यह त्यौहार भाद्रपद के शुक्लपक्ष मे आता है।इसकी तैयारी में सुहागिन महिलाएं जुटी हुई है और सुहाग से सम्बंधित सामानों की खरीद फरोख्त कर रही हैं।जिससे बाजारों की रौनक बढ गई है।आचार्य विशुनदेव त्रिपाठी बताते हैं कि सुहागिन महिलाओं के लिए सबसे कठिन व्रत है।फिर भी पति पुत्र के दीर्घायु होने के लिए पूजा पाठ जप तप साधना में लगी रहती हैं।महिलाएं पूजा पाठ धर्म कर्म करने में पुरुषों से आगे होती हैं।हरितालिका तीज निर्जला रहा जाता हैं इसमें महिलाएं चौबीस घंटे निर्जला रहती हैं।इन्हें अपने परेशानी की चिंता नहीं रहती हैं।पति पुत्र पाने व उनके दीर्घायु होने की परवाह ज्यादा करती हैं। इस त्यौहार मे खीरा का ज्यादा महत्व होता है।इस त्यौहार को लेकर महिलाओं के श्रृंगार से जुड़े सामानों पर मँहगाई की नजर लग गई है।जिसके वावजूद सामानों की खरीददारी व विक्री बढ गई है।जिससे धानी फरेन्दा, वृजमनगँज, कोल्हुई, पुरन्दरपुर व भैया फरेन्दा समेत हर बाजार व हाट दुल्हन की तरह सजा दिया गया है.।
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