मोदी के नायाब मनोज़ सिन्हा को बड़ी जिम्मेदारी के बड़े निहितार्थ
मऊ 07 अगस्त (वार्ता) प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व वाली राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) सरकार के प्रथम कार्यकाल में रेल और संचार विभाग जैसे महत्वपूर्ण विभागों को सम्भाल चुके पूर्वी उत्तर प्रदेश के विकास पुरुष मनोज सिन्हा को देश के सबसे संवेदनशील राज्य जम्मू कश्मीर का उपराज्यपाल बनाये जाना सरकार की कूटनीतिक रणनीति का एक बड़ा हिस्सा माना जा रहा है।
पर्वतीय सीमावर्ती राज्य में धारा 370 समापन के ठीक एक वर्ष बाद जब वहां कुछ रचनात्मक कार्य संपादित करने हैं, ऐसे में श्री मोदी ने एक बार फिर मनोज सिन्हा पर विश्वास कर अहम संदेश दिया है।
गौरतलब है कि उत्तर प्रदेश के गाजीपुर से सांसद रहे और मोदी कैबिनेट के प्रथम कार्यकाल में टेलीकॉम मंत्री और फिर रेल राज्यमंत्री रहे मनोज सिन्हा को जम्मू कश्मीर के उपराज्यपाल गिरीश चंद्र मुर्मू के इस्तीफे के बाद राज्य का उपराज्यपाल नियुक्त किया गया है।
कश्मीर में धारा 370 हटा राष्ट्रपति शासन लगने के एक वर्ष पूरे होने के बाद अब केंद्र सरकार जम्मू-कश्मीर में चुनाव करवाना चाहती है जिसके लिए किसी राजनीतिक व्यक्ति की नियुक्ति बतौर उपराज्यपाल के तौर पर चाहती थी। जो कि तमाम राजनीतिक दलों से बात करते हुए जम्मू-कश्मीर में आगे शांति बहाल कर सके और आने वाले समय मे वहां चुनाव हो सके।
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