अध्यापिका बर्खास्तगी पर रोक,वेतन के साथ अपने पद पर बहाल करने का आदेश

प्रयागराज,19 सितम्बर (वार्ता) इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने फर्जी दस्तावेजों के आधार पर नियुक्ति पाने की आरोपी कस्तूरबा विद्यालय की नियमित शिक्षिका की बर्खास्तगी का आदेश पर रोक लगाते हुए उनको वेतन के साथ अपने पद पर बहाल करने का आदेश दिया है।
न्यायालय ने फर्जी नियुक्ति के मामले में प्रदेश सरकार और बेसिक शिक्षा विभाग से चार सप्ताह में जवाब भी मांगा है।
कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय आराजी लाइंस वाराणसी में नियुक्त अध्यापिका सरिता आर्या की याचिका पर यह आदेश न्यायमूर्ति मनोज कुमार गुप्ता ने दिया है।
याची का कहना था कि उसके खिलाफ 17 जुलाई 2020 को सेवा से बर्खास्त करने का आदेश पारित कर उसके विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज कराने का आदेश दिया गया था। उस पर फर्जी अंकपत्रों के आधार पर नियुक्ति पाने का आरोप है। याची हिंदी विषय की पूर्णकालिक अध्यापिका है। याची का कहना है ‌कि अदालत ने इसी प्रकार के एक अन्य मामले में बर्खास्तगी पर रोक लगाते हुए वेतन सहित बहाल करने का आदेश दिया है। याची के प्रकरण में भी ऐसा ही आदेश की मांग की गई।
न्यायालय ने रामचरित्र यादव व अन्य के मामले में 31 अगस्त को दिए आदेश को याची के संबंध में भी देते हुए दोनों याचिकाओं को एक साथ सुनवाई के लिए प्रस्तुत करने का आदेश दिया है। इस दौरान दोनों पक्षों को अपने अपने हलफनामे और जवाबी हलफनामे दाखिल करने का निर्देश दिया है।
सं त्यागी
वार्ता


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