अति कुपोषित बच्चों के परिजनों को गौशाला से निःशुल्क गाय उपलब्ध करवाई जाएगी - मुख्य विकास अधिकारी इंद्रजीत सिंह
गोरखपुर, 07 सितम्बर 2020 कुपोषण को दूर करने के लिए सरकार की पहल पर अति कुपोषित बच्चों के परिजनों को गौशाला से निःशुल्क गाय उपलब्ध करवाई जाएगी। इतना ही नहीं गौपालन के लिए 900 रुपये प्रति माह भी दिये जाएंगे। यह सुविधा स्थान की उपलब्धता के अनुसार दी जाएगी। आगनबाडी केंद्रों पर तथा अगर आगनबाडी केंद्रों के लाभार्थी के घर के पास जगह है तो उद्यान विभाग से सहजन, टमाटर, गाजर, चुकंदर जैसे फल-सब्जियों के पौधे भी दिलवाए जाएंगे। इस तरह गाय के दूध और पोषक तत्वों के सेवन से कुपोषण को दूर करने की पहल की जाएगी। ने घोसीपुरवा से सोमवार को राष्ट्रीय पोषण माह का उद्घाटन करते हुए यह जानकारी दी। उन्होंने कोविड-19 प्रोटोकॉल के बारे में विस्तार से बताया और कहा कि कुपोषण को दूर करके हर प्रकार की बीमारी से देश के भविष्य की रक्षा की जा सकती है।
मुख्य विकास अधिकारी ने कहा कि शासन की ओर से कुपोषण को दूर करने के लिए तरह-तरह के प्रयास किये जा रहे हैं लेकिन बिना सामुदायिक सहयोग के इनका सफल हो पाना संभव नहीं है। बच्चे देश के भविष्य हैं, इसलिए उन्हें सही पोषण मिलना चाहिए। उन्होंने बताया कि पिछले तीन वर्षों से प्रत्येक वर्ष सितम्बर माह को राष्ट्रीय पोषण माह के तौर पर मनाया जाता है। इस वर्ष कोरोना के कारण प्रोटोकॉल संबंधित कुछ बदलाव किये गये है, लेकिन चुनौतियों के बीच कुपोषण के खिलाफ लड़ाई जारी रखनी है। उन्होंने कहा कि कोरोना की रोकथाम में रोग प्रतिरोधक क्षमता का विशेष महत्व है और कोई भी कुपोषित यह क्षमता नहीं रखता है।
कार्यक्रम के दौरान कार्यवाहक जिला कार्यक्रम अधिकारी महेंद्र चौधरी ने कहा कि बच्चे को जन्म से छह महीने तक सिर्फ और सिर्फ स्तनपान करवाना चाहिए। छह माह बाद स्तनपान के साथ पूरक आहार भी दिया जाना चाहिए। शहरी बाल विकास परियोजना अधिकारी प्रदीप कुमार श्रीवास्तव ने मातृत्व धारण करने के बाद से पोषण के शुरूआती 1000 दिनों के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने कहा कि एक सुपोषित मां ही सुपोषित बच्चे को जन्म दे सकती है, इसलिए गर्भवती को भी पोषण पर विशेष ध्यान देना होगा।
कार्यक्रम के दौरान 21 बच्चों के पोषण स्तर की जांच की गयी जिसमें से 4 बच्चे अति कुपोषित मिले। शांति और जोगेंद्र के पुत्र बाबू एवं निवेदिता और अर्जुन के पुत्र आर्यन का मुख्य विकास अधिकारी द्वारा अन्नप्राशन करवाया गया, जबकि धनंजय की पत्नी सिमरन की गोदभराई की रस्म भी कराई गयी। कार्यक्रम में क्षेत्रीय मुख्य सेविका रूमा सिंह समेत सभी आंगनबाड़ी कार्यकर्ता मौजूद रहीं।
जिले में 6984 अति कुपोषित
जिला कार्यक्रम अधिकारी हेमंत सिंह ने बताया कि जिले में इस समय कुल 6984 अति कुपोषित बच्चे हैं। इस बार पोषण माह में इन बच्चों के सुपोषण पर विशेष जोर होगा। कोरोना प्रोटोकॉल का पालन करते हुए आंगनबाड़ी कार्यकर्ता इन सभी के घर जाकर जागरूक करेंगी और प्रयास होगा कि इन बच्चों को पोषण पुनर्वास केंद्र भिजवा कर इनके पोषण स्तर में सुधार लाया जाए।
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