देवरिया में फसल अवशेष प्रबन्धन को बढ़ावा देने के लिये योजना लागू
देवरिया, 04 सितम्बर(वार्ता) उत्तर प्रदेश के देवरिया में फसल अवशेष प्रबन्धन को बढ़ावा देने के लिये फार्म मशीनरी बैंक की स्थापना के लिये प्रमोशन आफ एग्रीकल्चर मैकेनाइजेशन फार इन-सीटू मैनेजमेंट आफ क्राप रेजीड्यू योजना लागू की गयी है।
जिलाधिकारी अमित किशोर ने शुक्रवार को यहां बताया कि इस योजना के तहत फसल अवशेष प्रबन्धन के यंत्रो जैसे पैडी स्ट्राचापर, श्रेडर, मल्चर, श्रब मास्टर, रोटरी स्लेशर, हाइड्रोलिक रिवर्सेबुल एमडी प्लाऊ, सुपर सीडर, बेलर, सुपर स्ट्रा मैनेजमेंट सिस्टम, जीरो ट्रिल सीड कम फर्टिलाइजर ड्रील, हैपी सीडर, स्ट्रा रेक, क्राप रीपर व रीपर कमबाइंडर को भारत सरकार द्वारा इन्पैन्लेट कम्पनियों के अधिकृत विक्रेता से क्रय किया जायेगा।
उन्होंने बताया कि इस योजना में पांच लाख रूपये तक के परियोजना लागत के लिये फसल अवशेष प्रबन्धन के लिये कम से कम दो कृषि यंत्र अवश्य क्रय किये जायेंगे।
उप कृषि निदेशक डाॅ.ए के मिश्र ने बताया कि यंत्र क्रय करने तथा भुगतान की व्यवस्था संबंधित समितियों एवं ग्राम पंचायतें यंत्रो के मूल्य का 20 प्रतिशत का भुगतान स्वयं वहन करेगी। इन सीटू योजना के तहत क्रय किये गये फसल अवशेष प्रबंधन यंत्रो के मूल्य के 80 प्रतिशत अधिकतम रुपये चार लाख का भुगतान कृषि विभाग द्वारा अग्रिम तौर पर आनलाइन संबंधित समितियों/पंचायतो के खाते में उपलब्ध कराया जायेगा।
उन्होने बताया कि जिले के गन्ना समितियों/पंचायत समितियों को समिति के पंजीकरण का प्रमाण पत्र, ग्राम सचिव, ग्राम पंचायत/समितियों का प्रस्ताव, प्रधान का प्रामणपत्र, समिति के अध्यक्ष/ग्राम प्रधान का आधार कार्ड, बैंक खाते का पूर्ण विवरण, कृषि यंत्रो का कोटेशन आदि उप कृषि निदेशक के कार्यालय में उपलब्ध कराना होगा।
सं भंडारी
वार्ता
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