जलनिकासी की व्यवस्था न होने से बारिश के पानी से दर्जनों गांव घिरे, दर्जनों मकान ध्वस्त
गोला/गोरखपुर
बीते दिनों हुई भारी बारिश के कारण गोला क्षेत्र के दर्जनों गांवों मे पानी घुस गया है।जिससे दर्जनों घर धराशायी हो गए।अभी तक जल निकासी की व्यवस्था न होने से दर्जनों गांव बरसात के पानी से घिरे हुए हैं।जिससे लोगों का घर से निकलना दूभर हो गया हैं।गांव के लोग भारी जल जमाव के कारण काफी भयभीत है। ग्रामीणों का कहना है कि गांव में हुए जलजमाव की अगर स्थानीय प्रशासन द्वारा निकलवाने की व्यवस्था नही की गई तो कभी भी भयावह संक्रामक बीमारी फैल सकती है।जिससे लोगो को काफी क्षति पहुचेगी।बताते चले कि दो दिन पूर्व भारी बारिश से दर्जनोंं गांव आज भी बरसात के जल जमाव से घिरे पड़े है ।कई दर्जन मकान ध्वस्त हो गए।धान की फसल खेतो में लेट गयी। बालियों के ऊपर पानी आज भी दिखाई दे रहा है ।किसान पूरी तरह निराश हो चुका है।इस बरसात ने किसानों के मंसूबे पर वास्तव में पानी फेर दिया है।इस भारी जल जमाव से ग्रामीणों में संक्रामक रोग फैलने की आशंका बनी हुई है।जल जमाव से मच्छरों के भयंकर प्रकोप बढ़ गया है।किसानों का कहना है कि एक तरफ तो वैश्वीक महामारी ने तंगी ला दिया।घर का खर्च कैसे चले लोगो को सोचने के लिए मजबूर कर दिया है ।दूसरी तरफ आफत बनकर बारिश का कहर किसानों पर टूट पड़ा है ।गांवों घरों मुहल्लों चट्टी चौराहों पर आज भी जलजमाव बने हुए है ।आखिर मानव अपना जीवन कैसे चलावे।यह प्रश्न खड़ा पड़ा है । क्षेत्र के गौरखास नरायनपुर मशहा बिमटी विजयी लमतिया बनरही कौड़िया सोढाबीर बिसरा रानीपुर सुअरज परसिया निस्फिराजा नेवसा गजभरी घोडालोटन उनौली दुबौली सहित दर्जनों गांव बरसात के जल जमाव के चपेट में आ गया है। कई दर्जन मकान ध्वस्त हो गए है। इस बारिश के जल जमाव को देखते हुए जिला पंचायत सदस्य मायाशंकर शुक्ल ने मामखोर फ़क़ीरपुरा बैरीहवा ज़मीन भीटी पाजुपार समेत कई गांवों में जल निकासी की ब्यवस्था अपनी जेसीबी से खुुुदाई कराकर दे रहे है।इन सब के बावजूद स्थानीय प्रशासन मौन पड़ा दिख रहा है ।कही कही तो जल निकासी की व्यवस्था बनाने में लोगो के सर भी फुट चुके है ।लोगो का कहना है कि अगर गांवों के अंदर से जल जमाव हटा नही तो सभी लोग भयंकर बीमारी की आगोश में आ जाएंगे।
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