मोदी के जन्मदिन पर यूपी में दिव्यांग उपकरण का वितरण
लखनऊ 17 सितम्बर (वार्ता) प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के जन्मदिन पर उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ समेत विभिन्न जिलों में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने सेवा कार्यों के साथ विविध कार्यक्रमों का आयोजन किया और उनके दीर्घायु होने की कामना की।
पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष स्वतंत्र देव सिंह ने लखनऊ की पूर्वी विधानसभा के श्याम सत्संग भवन महानगर में दिव्यांगाें को ट्राइसिकिल, व्हीलचेयर, वाॅकर, कान की मशीन, कृतिम अंग, स्मार्ट पेन सहित अन्य सहयोगी उपकरण उपलब्ध कराये वहीं अन्य जिलों में दिव्यांग उपकरण वितरित किये गये।
श्री सिंह ने कहा कि श्री मोदी ने सदैव समाज सेवा, राष्ट्र सेवा और समाज के अन्तिम पायदान पर खडे व्यक्ति की सेवा को ही अपने जीवन का ध्येय मानकर काम किया। उनका जन्म एक गरीब परिवार में हुआ। उन्होने गरीबी को जिया है इसलिए जानते है कि एक गरीब के लिए पक्का मकान, शौचालय, बैंक का खाता, रसोईगैस, कोरोना काल में निःशुल्क राशन, माताओं-बहनों के जनधन खातों में 15 सौ रूपये, किसान के लिए सम्मान निधि की अहमियत क्या होती है।
उन्होंने कहा कि श्री मोदी ने 2014 में देश का प्रधानमंत्री बनने के साथ ही राजनैतिक संस्कृति को बदलने का काम किया है। पहली बार देश में गरीब, किसान, मजदूर की खुशहाली के लिए काम किया गया। पहले नेता जनता से वादा करते थे और भूल जाते थे लेकिन श्री मोदी ने नई राजनीतिक संस्कृति का सृजन किया और सरकार के साथ पार्टी के एक-एक कार्यकर्ता केन्द्र सरकार का रिपोर्ट कार्ड लेकर बार-बार जनता के दरबार में पहुंचे जिससे विकास की कार्य संस्कृति विकसित हुई। इसके साथ ही अद्म्य राजनैतिक साहस के साथ धारा 370 व 35ए की समाप्ति, नागरिकता संशोधन कानून, मुस्लिम महिलाओं को तीन तलाक से निजात के साथ ही, मर्यादा पुरूषोत्तम भगवान श्री राम की जन्मभूमि पर भव्य राममंदिर निर्माण के प्रशस्त मार्ग के साथ ही ऐतिहासिक भूलों के सुधार का काम हुआ और राजनीतिक अकर्मण्यता को समाप्त किया।
पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि पुष्पगुच्छ, फूलमालाएं, ढोल नगाडे़ ताशे की धुन, मिठाईयां, महंगे उपहारों का लेन-देन करके नेताओं के जन्मदिन मनाने की परम्परा रही है जबकि श्री मोदी ने गरीब, वंचित, शोषित, दलित, पिछडे वर्ग की सेवा करके उनके जीवन में खुशहाली लाने के लिए अपने जीवन का लक्ष्य तय किया है। इसलिए पार्टी ने उनके जन्मदिन को सेवाकार्यों का माध्यम बनाकर जनसरोकार से जोड़ा।
प्रदीप
वार्ता
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