न्याय विभाग ने टेली लॉ कार्यक्रम की सफलता पर पहली पुस्तिका का ई-संस्करण जारी किया
नयी दिल्ली, 23 सितंबर (वार्ता) केंद्रीय न्याय विभाग ने आज टेली लॉ कार्यक्रम की सफलता की कहानियों की पहली पुस्तिका 'टेली-लॉ - रीचिंग द अनरिच्ड, वॉइसेज ऑफ द बेनिफिसिएरीज' जारी की।
टेली लॉ कार्यक्रम के तहत अब तक 29 राज्यों और केन्द्र शासित प्रदेशों के दूर दराज के ग्रामीण क्षेत्रों वाले 260 जिलों के तीन लाख से ज्यादा लोगों को कानूनी सलाह प्रदान की गई है। इस पुस्तिका में लाभार्थियों की वास्तविक जीवन की कहानियों और टेली-लॉ कार्यक्रम के तहत विवादों को सुलझाने के लिए दी गई कानूनी सहायता के बारे में जानकारी दी गई है।
भारत सरकार के 'डिजिटल इंडिया विजन' के तहत, न्याय विभाग सभी तक न्याय की पहुंच के लिए डिजिटल माध्यमों का उपयोग कर रहा है। इस मकसद के लिए साल 2017 में टेली-लॉ कार्यक्रम को लॉन्च किया गया था ताकि मुकदमेबाजी से पहले के चरण में ही विवादों को निपटाया जा सके। इस कार्यक्रम के तहत पंचायत स्तर पर कॉमन सर्विस सेंटर नेटवर्क के जरिए वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग, टेलीफोन इंस्टेंट कॉलिंग जैसी सुविधाएं उपलब्ध हैं। इन सुविधाओं के उपयोग से गरीब, दलित, कमजोर, दूरदराज क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को पैनल के वकीलों से जोड़कर उन्हे कानूनी सलाह दी जाती है। ज़रूरतमंदों को कानूनी सलाह देने के लिए वकीलों के एक समूह को तैनात किया गया है।
आने वाले दिनों में न्याय विभाग की योजना टेली लॉ कार्यक्रम के तहत देश के सभी जिलों को कवर करने की है।
प्रणव जितेन्द्र
वार्ता
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