प्रयागराज के माघ मेले में संत-महात्माओं और कल्पवासियों को स्थान मिले :गिरी

प्रयागराज,07 सितम्बर(वार्ता) अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद ने माघ मेले में संस्थाओं पर रोक लगाकर संत-महात्माओं और कल्पवासियों को स्थान देने की मांग की है।
श्रीमठ बाघम्बरी गद्दी में सोमवार को आयोजित बैठक के बाद संवाददाताओं से मठ के अध्यक्ष महंत नरेन्द्र गिरी ने कहा कि अखाड़ा परिषद ने सरकार से जनवरी में होने वाले माघ मेले पर रोक नहीं लगाने की अपील की है। उन्होने केंद्र और राज्य सरकार की गाइड लाइन के मुताबिक माघ मेले का आयोजन करने की बात कही है। परिषद ने माघ मेले में संस्थाओं पर रोक लगाकर संत-महात्माओं और कल्पवासियों को स्थान देने की मांग की है। प्रयागराज की परिक्रमा की परंपरा में वैश्विक महामारी कोरोना काल में कम संख्या में साधु-संत शामिल होंगे।
उन्होने बढ़ते लव जेहाद के मामले में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को कार्रवाई के लिए धन्यवाद दिया है। महंत नरेंद्र गिरी ने कहा है कि सूबे में योगी की सक्षम सरकार है और मुस्लिम बहुल इलाकों में रहने वाले हिंदुओं को डरने की ज़रूरत नही है लेकिन महाराष्ट्र में साधु असुरक्षित है और उनकी हत्याएं हो रही हैं।
परिषद अध्यक्ष ने कहा कि बैठक में महाराष्ट्र के पालघर में साधुओं की हत्या की घटना की सीबीआई से जांच की कराने की भी मांग की गई।
अयोध्या में राम जन्मभूमि पर भव्य राम मंदिर का निर्माण शुरू होने के बाद परिषद ने काशी और मथुरा को मुक्त कराने का बड़ा ऐलान कर दिया है। काशी और मथुरा को मुक्त कराने के लिए हिंदूवादी संगठन राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ(आरएसएस) और विश्व हिन्दू परिषद (वीएचपी) से सहयोग मांगा है। अन्य हिन्दूवादी संगठनों की मदद से बड़ा आंदोलन खड़ा करेगा। अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष महंत नरेंद्र गिरि ने कहा है कि आम सहमति न बनने पर संवैधानिक तरीके से अदालत के माध्यम से कानूनी लड़ाई लड़ी जाएगी।
गौरतलब है कि वाराणसी में काशी विश्वनाथ मंदिर और ज्ञान वापी मस्जिद का मुकदमा निचली अदालत में चल रहा है ।
बैठक में अध्यक्ष नरेंद्र गिरी और सचिव हरिगिरि के अलावा सभी 13 अखाड़ों के प्रतिनिधि भी मौजूद थे ।
दिनेश विनोद
वार्ता


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