तीन वकीलों के विरूद्ध अनुशासनात्मक कार्रवाई के लिये भेजा पत्र
देवरिया, 07 सितम्बर(वार्ता) उत्तर प्रदेश में देवरिया के रूद्रपुर में तहसील परिसर में वकालत करने वाले तीन वकीलों के खिलाफ बार काउंसिल आफ उत्तर प्रदेश ने एडवोकेट अधिनियम 1961 की धारा 35 के तहत अनुशासनात्मक कार्रवाई के लिये पत्रावली सदस्य और पूर्व अध्यक्ष बलवंत सिंह की अनुशासन समिति को सन्दर्भित किया है।
तहसील बार एसोसिएशन रुद्रपुर के पूर्व अध्यक्ष फणीन्द्र नाथ पाण्डेय ने सोमवार को बताया कि चार नवम्बर 2019 को बार काउंसिल ऑफ उत्तर प्रदेश ने सीओपी (सर्टिफिकेट ऑफ प्रेक्टिस) के प्रावधान के अनुसार ही बार एसोसिएशन के चुनाव कराने का दिशा-निर्देश जारी किया था। अधिवक्ता ओमप्रकाश मणि त्रिपाठी, राजशरण सिंह व रमेश चंद्र मणि ने चुनाव के नियमों को दरकिनार करते हुए चुनाव अधिकारी बनकर 26-27 नवम्बर 2019 को कथित तौर पर आनन फानन में चुनाव सम्पन्न करा दिए थे।
उन्होंने बताया कि अधिवक्ता ओमप्रकाश मणि त्रिपाठी, राजशरण सिंह व रमेशचंद्र मणि द्वारा अवैधानिक रूप से निर्वाचित किये गए आनन्द सिंह की अध्यक्षता वाली कमेटी अपने को असली पदाधिकारी मानकर अदालतों में प्रस्ताव देने तथा समाचार पत्रों में समाचार भेजकर दिग्भ्रमित करते थे। जिसकी शिकायत बार काउंसिल ऑफ उत्तर प्रदेश में किया गया था।
श्री पाण्डेय ने बताया कि बार काउंसिल ने सभी साक्ष्यों के अवलोकन करते हुए चार सितम्बर 2019 के आदेश के क्रम में अधिवक्ता आनन्द सिंह वाली अध्यक्षता कमेटी को अवैध करार दिया तथा अधिवक्ता विश्वविजय कुमार मल्ल वाली अध्यक्षता कमेटी को सही ठहराने के साथ तहसील बार एसोसिएशन रुद्रपुर के अधिवक्ता ओमप्रकाश मणि त्रिपाठी, रमेश मणि त्रिपाठी व राजशरण सिंह के विरुद्ध एडवोकेट अधिनियम 1961 की धारा 35 के तहत अनुशासनात्मक कार्यवाही करने के लिये सम्बंधित पत्रावली सदस्य व पूर्व अध्यक्ष श्री बलवंत सिंह की अनुशासन समिति को सन्दर्भित किया है । बार काउंसिल ऑफ उत्तर प्रदेश के इस निर्णय से अधिवक्ताओं में खुशी की लहर है तथा इसे न्याय की जीत बताया।
सं भंडारी
वार्ता
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