आंगनबाड़ी कार्यकत्री ने विभिन्न मांगों को लेकर नगर निगम में बैठक की
गोरखपुर / आंगनबाड़ी कर्मचारियों एवं सहायिकाओं का गोरखपुर के नगर निगम में संगठन बैठक का आयोजन किया गया। इस दौरान प्रदेश अध्यक्ष गीता पाण्डेय के नेतृत्व में महामंत्री प्रभावती देवी व सभी कार्यकर्ताओं द्वारा सर्वसम्मत से सरकार द्वारा 62 वर्ष पूर्ण कर चुकी आंगनबाड़ी कार्यकत्री/ मिनी कार्यकत्री एवं सहायिकाओं की सेवा समाप्त करने का दिनांक 27/07/2020 को शासनादेश जारी किया गया है की इनकी सेवा समाप्त कर दी जाए। जिसका एक सुर में सरकार कि निन्दा कर रही है और सरकार से मांग कर रही है कि उस शासनादेश को तत्काल वापस लिया जाए। क्योंकि आंगनबाड़ी कार्यकत्री/ मिनी कार्यकत्री सहायिकाएें राज्य कर्मचारी की श्रेणी में नहीं आती और ना ही किसी आंगनवाडी कार्यकत्री/ मिनी कार्यकत्री एवं सहायिका का सर्विस बुक ही नहीं बना है। ऐसी स्थिति में यह सेवा समाप्त करना हम बहनों के साथ विश्वासघात है और अत्याचार न्याय संघ विरोध है विरोध जताते हुए आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों ने मांग की है कि पुष्टाहार का पैसा मात् समिति कार्यकृतियों के खाते में पैसा भेजा जाए।
बैठक में पहुंची प्रदेश की महामंत्री प्रभावती देवी ने कहा कि यह बैठक है 62 साल को लेकर के कि अचानक हमारी प्रमुख सचिव माननीय रचना यादव का एक आदेश आया 22 जुलाई को कि जिनकी 62 साल से ऊपर आयु हो चुकी है उसको बाहर कर दिया जाए तो इसी के उपलक्ष में आज यह बैठक रखी गई है।
उन्होंने कहा कि जो 5 अक्टूबर को हमारी निष्कासित गीतांजलि मौर्य के द्वारा कार्यक्रम रखा गया था । तो उसका हम आप मीडिया के माध्यम से यह जानकारी देना चाहते हैं कि 18 तारीख को 18 मार्च के लॉकडाउन से पहले यह निकाली जा चुकी हैं। लॉक डाउन की वजह से हम आप लोगों को यह सूचना नहीं दे पाए और इस महामारी की वजह से बहुत सारी समस्याएं पैदा हो गई इसलिए हम लोग मीडिया को या नहीं बता पाए मैं आप लोगों के माध्यम से यह बताना चाहती हूं कि यह पूरे उत्तर प्रदेश से निष्कासित प्रदेश अध्यक्ष हैं और यह जो जगह-जगह के पर आंगनबाड़ियों को लेकर और अपने आप को नेता बन रही हैं और अपने को प्रदेश अध्यक्ष मान रही हैं तो यह अपने आप में अगर सुधार नहीं लाती है तो उनके विरुद्ध विधिक कार्रवाई की जाएगी। आप लोगों के माध्यम से बताना चाहेंगे की गुमराह ना करें बहनों को नहीं तो आगे के लिए बहुत बुरा परिणाम होगा उनके लिए।
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