बलियाकांड: बैरिया विधायक के साथ आरोपी धीरेंद्र की फोटो वाॅयरल, बड़ा भाई भी किया गया गिरफ्तार
बलिया
यूपी में सरकारी दावों में भले ही अपराध का ग्राफ कम हो रहा है, लेकिन बीते कुछ महीनों में कानपुर के विकास दुबे और हाथरस कांड के बाद अब बलिया हत्याकांड से खाकी के इकबाल और पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठ रहे हैं। बलिया में कोटे के आवंटन को लेकर बुलाई गई खुली बैठक में एक शख्स की हत्या मामले में नए खुलासे हो रहे हैं। घटना के मुख्य आरोपी आरोपी धीरेंद्र सिंह की बैरिया से बीजेपी विधायक सुरेंद्र सिंह के करीबी होने की बात सामने आ रही है।
शुक्रवार को बैरिया विधायक सुरेंद्र सिंह द्वारा बीजेपी कार्यकर्ता और आरोपी धीरेंद्र सिंह को मिठाई खिलाते एक तस्वीर तेजी से वाॅयरल हुई। सूत्रों के अनुसार दबंग धीरेंद्र सिंह बीजेपी विधायक सुरेंद्र सिंह का दाहिना हाथ है। धीरेंद्र सिंह पहले भी कई बार अधिकारियों से अभद्रता कर चुका है। वह आर्मी से रिटायर बताया जाता है। हालांकि पुलिस के अनुसार मुख्य आरोपी धीरेंद्र प्रताप सिंह के बड़े भाई देवेंद्र प्रताप सिंह को गिरफ्तार कर लिया गया है।
33 के खिलाफ दर्ज हुआ केस
उधर डीआईजी आजमगढ़ भी बलिया में कैंप कर रहे हैं. डीआईजी सुभाष चन्द्र दुबे ने कहा कि मुख्य आरोपी धीरेंद्र सिंह समेत 8 नामजद और 25 अज्ञात के खिलाफ केस दर्ज किया गया है। उन्होंने बताया कि इस केस में पुलिस की लापरवाही सामने आई है। मौके पर पकड़े जाने के बाद भी मुख्य आरोपी धीरेंद्र सिंह भाग निकला।
क्या है पूरा मामला
बलिया जिले की ग्राम सभा दुर्जनपुर व हनुमानगंज की कोटे की दो दुकानों के आवंटन के लिए गुरुवार दोपहर को पंचायत भवन में खुली बैठक का आयोजन किया गया था। इसमें बैरिया के एसडीएम सुरेश पाल, सीओ चंद्रकेश सिंह और बीडीओ गजेंद्र प्रताप सिंह के साथ ही रेवती थाने की पुलिस फोर्स मौजूद थी। दुकानों के लिए 4 स्वयं सहायता समूहों ने आवेदन किया, जिसमें 2 समूहों मां सायर जगदंबा स्वयं सहायता समूह और शिव शक्ति स्वयं सहायता समूह के बीच मतदान कराने का निर्णय लिया गया। अधिकारियों ने कहा कि वोटिंग वही करेगा, जिसके पास आधार अथवा अन्य कोई पहचान पत्र होगा। एक पक्ष के पास आधार व पहचान पत्र मौजूद था, लेकिन दूसरे पक्ष के पास कोई आईडी प्रूफ नहीं था। इसको लेकर दोनों पक्षों के बीच विवाद शुरू हो गया। मामला बिगड़ता देख बैठक की कार्रवाई को स्थगित कर अधिकारी चले गए।
यूं बिगड़ी बात और फिर...
अधिकारियों के जाने के बाद मौके पर मौजूद रेवती पुलिस दोनों पक्षों को समझाने और विवाद शांत करने में जुट गई। जबकि एक पक्ष अधिकारियों पर पक्षपात करने का आरोप लगाते हुए नारेबाजी करने लगा। इसी दौरान दूसरे पक्ष के लोगों से भिड़ंत हो गयी। बात बढ़ी तो लाठी-डंडे के साथ ही ईंट-पत्थर चलने लगे। इसी बीच एक पक्ष की ओर से फायरिंग शुरू हो गई। इस दौरान दुर्जनपुर के 46 वर्षीय जयप्रकाश उर्फ गामा पाल को ताबड़तोड़ 4 गोलियां मार दी गईं। गोली चलते ही अफरातफरी मच गई। जयप्रकाश को लेकर लोग सीएचसी सोनबरसा पहुंचे, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
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