देश का कोई पंजीकृत व्यापारी देख सकता है तथा क्रय विक्रय प्रक्रिया में भाग ले सकता है - सचिव कृषि उत्पादन मण्डी समिति

गोरखपुर 5 अक्टूबर  किसानों को अपनी उपज का विक्रय करने हेतु एक विस्तृत बाजार उपलब्ध कराकर उनकी उपज का प्रतिस्पर्धात्मक मूल्य दिलाये जाने, इस प्रकार उनकी आय को बढ़ाने के उद्देश्य से भारत सरकार द्वारा ई-नाम (राष्ट्रीय कृषि बाजार) योजना लागू किया गया है। यह एक पैन-इंडिया इलेक्ट्रानिक पोर्टल है जिसके माध्यम से अपनी उपज को प्रदेश के किसी भी ई-नाम मण्डी में बेच सकता है। इस योजना के अन्तर्गत किसान के उपज की आनलाइन बिक्री हेतु उसका विवरण ई-नाम पोर्टल डाल दिया जाता है जिसे देश का कोई पंजीकृत व्यापारी देख सकता है तथा क्रय विक्रय प्रक्रिया में भाग ले सकता है। इस प्रकार किसान को अपनी उपज के विक्रय हेतु असीमित क्रेता उपलब्ध हो जाते है।
    यह जनकारी देते हुए सचिव कृषि उत्पादन मण्डी समिति ने बताया है कि भारत सरकार द्वारा ई-नाम योजना का प्रारम्भ 14 अप्रेल 2016 को राज्य की 20 मण्डियों मे किया गया है। वर्तमान में देश के 18 राज्यों की 1000 मण्डियों को इस योजना के अन्तर्गत जोड़ा जा चुका है तथा 175 कृषि उत्पादन का कारोबार योजना के अन्तर्गत हो रहा है। उत्तर प्रदेश में अब तक की 125 मण्डियों को ई-नाम के अन्तर्गत जोड़ा जा चुका है। गोरखपुर मण्डल में अब तक 6 मण्डियां गोरखपुर, सहजनवा, देवरिया, परतावल, आनन्दनगर, नौतनवा को इस योजना के अन्तर्गत जोड़ा गया है।


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