प्रयागराज में डिग्री कालेजों में प्राचार्य भर्ती का रास्ता साफ
प्रयागराज 14 अक्तूबर (वार्ता) इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने उच्च शिक्षा सेवा चयन आयोग प्रयागराज की विश्वविद्यालयों से संबद्ध डिग्री कालेजों के प्राचार्य भर्ती में हस्तक्षेप करने से इंकार कर दिया है और 2010 के रेग्यूलेशन से की जा रही भर्ती को वैध करार देने के एकलपीठ के आदेश को सही ठहराया है।
एकल पीठ के आदेश को चुनौती देने वाली विशेष अपील खारिज कर दी है।
यह आदेश न्यायमूर्ति एम एन भंडारी तथा न्यायमूर्ति पीयूष अग्रवाल की खंडपीठ ने डा हेम प्रकाश व 3 अन्य की विशेष अपील पर दिया है। अपील पर अधिवक्ता सीमान्त सिंह व आयोग के अधिवक्ता राजीव सिंह ने बहस की।
गौरतलब है कि आयोग ने 2 मार्च 19 को डिग्री कालेज में प्राचार्य भर्ती का विज्ञापन निकाला।आवेदन जमा करने की अंतिम तिथि 18 जून 19 थी और 18 जुलाई 19 तक ए पी आई सत्यापन किया गया।
आयोग ने यूजीसी के 2010 के परिनियम के तहत भर्ती शुरू की है। 29 अक्तूबर 20 को परीक्षा होने जा रही है। विश्वविद्यालय अनुदान आयोग ने परिनियम में 2018 में संशोधन किया है, जिसे राज्य सरकार ने 28 जून 19 को लागू किया है।
याची का कहना था कि प्राचार्य भर्ती नये संशोधित नियम 2018 से की जानी चाहिए। एकलपीठ ने यह कहते हुए याचिका खारिज कर दी कि 2018 का संशोधन लागू होने से पहले आवेदन जमा करने की तिथि समाप्त हो चुकी थी। इसलिए 2010 के नियम से भर्ती करना सही है जिसे अपील में चुनौती दी गयी थी।
खंडपीठ ने कहा कि खेल के बीच मे खेल के नियम नही बदले जा सकते, इसलिए भर्ती के समय लागू नियम से ही चयन किया जाना सही है। कोर्ट के इस आदेश से डिग्री कालेजों के प्राचार्यो के चयन का रास्ता साफ हो गया है।
सं प्रदीप
वार्ता
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