सपा में विलय नही, हो सकता है गठबंधन : शिवपाल

इटावा , 27 अक्टूबर(वार्ता) प्रगतिशील समाजवादी पार्टी (लोहिया) के अध्यक्ष शिवपाल सिंह यादव ने समाजवादी पार्टी(सपा) में वापसी की अटकलों को खारिज करते हुये कहा की उनकी पार्टी का विलय नही होगा बल्कि आगामी विधानसभा के चुनाव में सिर्फ गठबंधन हो सकता है।
श्री यादव ने मंगलवार को अपने आवास पर “यूनीवार्ता” से विशेष भेंट में कहा कि उनकी पार्टी का सपा में विलय नही होगा। उनकी पार्टी सपा के साथ गठबंधन करके चुनाव लड़ सकती है। उन्होंने कहा कि आज के दौर में भाजपा की नीतियों से आम आदमी की पूरी तरह से कमर टूट चुकी है और बदलाव की मांग होने लगी है। ऐसे में अब हम भी चुप बैठने के बजाय जनता के बीच उनकी समस्याओं को लेकर जायेंगे। लगातार तीन साल से हम यही काम करते आ रहे हैं।
उन्होने कहा कि भय, भूख और भ्रष्टाचार मिटाने के साथ ही हर साल एक करोड़ बेरोजगार युवाओं को नौकरियां देने काझूठा वादा करके देश व प्रदेश की सत्ता में लौटी भारतीय जनता की नींव ही झूठ और फरेब पर आधारित है । ऐसे में नीति नियोजन की गलत नीतियों की कीमत पूरा देश चुका रहा है।आने वाले समय में इसके और भयावह परिणाम होंगे ।
श्री यादव ने कहा कि नोटबंदी, जीएसटी से भी भयंकर कोरोना काल था और इस दौरान अगर बेहतर तरीके से प्रयास करके रेले बसें रोकने के बजाय विदेशों से कोरोना लेकर लौटे हवाई यात्रियों को 14 दिन के लिये क्वारंटीन कराया जाता तथा सब कुछ बंद कराने के बजाय फैक्ट्रियों को चालू रखा जाता तथा वहां पर काम करने वाले असंगिठत क्षेत्र के मजदूरों को काम करने दिया जाता तो शायद देश की अर्थव्यस्था इस तरह से नहीं लड़खड़ा सकती थी और न ही आम आदमी किसान मजदूरों का दिवाला निकलने की ओर जाता। आज समाज का हर तबका परेशान है। महंगाई की मार के बीच आम लोगों की इनकम में गिरावट से किसान मजदूर और नौजवान सभी तबाह हो गये हैं । ऐसे में अब इन्हें संभलने में बक्त लगेगा।
एक सवाल के जबाव में श्री यादव ने कहा कि आप सब देख रहे हैं कि किस तरह से सूबे में हत्यायें हो रही हैं। लूट, युवतियों के साथ बलात्कार और उसके बाद उनकी हत्यायेें जहां आम बात है। जब कोरोना को लेकर लाॅक डाउन किया गया था तब वास्तव में इसकी जरूरत नहीं थी। केवल हवाई यात्रियों को अगर क्वारंटीन किया जाता और अमेरिका की तरह से कल कारखाने चलते रहते तो मजदूरों को हजार से पंद्रह सौ किमी परिवार के साथ सड़कों पर पैदल और रेल की पटरियों पर भूखे प्यासे नहीं चलना पड़ता।
उन्होंने कहा कि उस दौर में भी सरकार ने हाथ खड़े कर दिये थे तब स्वयंसेवी संस्थाओं समेत राजनैतिक पार्टियों ने भूखें पेट पैदल चलने वालों की सुध ली। आज भी हम इस मामले सबसे आगे हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि मेहनत करने वाले किसी मजदूर को कोरोना हुआ क्या। कहा कि कोई मजदूर इस महामारी की चपेट में नहीं आया। यहां तक कि आज भी नहीं है। फिर इस पलायन और बंद से जनता को क्या मिला। उनकी रोजी रोटी छिन गई। अब इससे आवाम को उबरने में बहुत अधिक समय लगेगा।
श्री यादव ने कहा कि दिवंगत प्रधानमंत्री चौधरी चरणसिंह कहते थे कि हमेशा भ्रष्टाचार ऊपर से नीचे की ओर चलता है। योगी सरकार में यह बात सच साबित हुई है। आज प्रदेश की हालत सर्वाधिक खराब है। यहां पर मंत्री भी रुपया लेकर काम नहीं करते हैं।यही नहीं तहसीलों और पुलिस थानों की हालत बेहद खराब है। चारों ओर बिना लिये दिये कोई काम नहीं हो रहा है।
उन्होंने कहा कि मैने पहले भी कहा था कि योगी जी ने पहले ठीक तरह से काम करने का प्रयास किया था। अब बेईमानों की लाॅबी से घिर गये है। यही वजह है कि अब अराजकता के हालात हो गये हैं। अपराधियों को किसी का खौफ नहीं रह गया है। डीजल पेट्रोल से लेकर गैस तथा बिजली के बिल बेतहाशा बढ़ गये हैं। आज की तारीख में दस हजार रुपया महीना कमाने वाले पर दस हजार का बिल बिजली का आता है तो फिर वह परिवार कैसे चलाये यह एक गंभीर सवाल है लेकिन कोई देखने वाला नहीं है।
सं भंडारी
वार्ता


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