टीचरों के 31 हजार 661 पदो की भर्ती में जाँच रिपोर्ट में गडबडी मिलने पर सरकार करेगी सुधार
प्रयागराज, 20 अक्टूबर (वार्ता ) उत्तर प्रदेश में 69 हजार सहायक अध्यापक भर्ती में 31,661 पदों पर भर्ती के मामले में प्रदेश सरकार की तरफ से महाधिवक्ता ने हाईकोर्ट को बताया कि ये भर्ती सुप्रीम कोर्ट में लम्बित एसएलपी के अधीन है। चयन में हुई गलती के बारे में एडवोकेट जनरल ने कहा कि एनआईसी में हुई कुछ गडबडी को लेकर जाँच चल रही हैं और रिपोर्ट आने के बाद यदि कोई गडबडी पाई जाती है तो सरकार उसे सुधारेगी । महाधिवक्ता ने वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिये बहस की।
याचिका पर वरिष्ठ अधिवक्ता एच एन सिंह ने बहस करते हुए कोर्ट में बताया कि कुछ कम मेरिट के लोगों को नियुक्ति मिल गई जबकि अधिक मेरिट वालों को नहीं मिल सकी। इस पर महाधिवक्ता ने कहा कि जो भी गलतियां हुई हैं जांच रिपोर्ट आने के बाद यदि ऐसा कुछ है तो उस पर निर्णय लेने के बाद सुधारा जाएगा।
यह आदेश जस्टिस अजीत कुमार ने संजय कुमार यादव व अन्य की याचिका पर दिया है ।
याची का पक्ष रख रहे वकीलों का कहना था कि नियुक्ति पत्र देने के लिए जारी की गई सूची में बहुत से ऐसे मामले हैं जिनमें कम गुणांक वालों को नियुक्ति पत्र दे दिया गया जबकि अधिक गुणांक पाने वाले चयन से बाहर हैं। इससे पूर्व कोर्ट ने राज्य सरकार से इस विसंगति के बारे में जवाब मांगा था। महाधिवक्ता के बयान के बाद कोर्ट ने मामले की सुनवाई के लिये 17 नवंबर की तारीख तय की है ।
सं विनोद
वार्ता
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