उप्र में कक्षा 9 से 12 तक के विद्यालयों में औपचारिक पढ़ाई शुरू
लखनऊ, 19 अक्टूबर( वार्ता) उत्तर प्रदेश में माध्यमिक शिक्षा परिषद समेत सभी बोर्ड के विद्यालयों में सोमवार से आपचारिक पठन-पाठन का कार्य सुचारू रूप से शुरू हो गया है।
प्रदेश में आज से कक्षा नौ से 12 तक के विद्यालयों में दो पालियों में सोशल डिस्टेंसिंग समेत कोविड प्रोटोकाल के नियमों का पालन करते हुए कक्षायें संचालित की गयी।
अपर मुख्य सचिव, माध्यमिक शिक्षा श्रीमती आराधना शुक्ला ने राजधानी लखनऊ के विद्यालयों का निरीक्षण किया गया। श्रीमती शुक्ला द्वारा राजकीय बालिका इण्टर कालेज, गोमतीनगर, लखनऊ पब्लिक स्कूल, गोमतीनगर तथा कैथेड्रेल स्कूल,हजरतगंज का निरीक्षण किया।
उन्होंने विद्यालयों में सैनेटाइजर,हैण्डवाश,थर्मल स्कैनिंग एवं विद्यालय में प्राथमिक उपचार की व्यवस्था, परिसर की साफ-सफाई एवं स्वच्छ पेयजल की व्यवस्था, आदि का गहनता से परीक्षण किया।
श्रीमती शुक्ला ने कहा कि बच्चों के भविष्य के साथ-साथ, उनका स्वास्थ्य भी आवश्यक है। उन्होने उपस्थित शिक्षकों तथा छात्र-छात्राओं को मिशन शक्ति के विषय मे भी जानकारी दी। उन्होंने प्रधानाचार्य कक्ष का भी निरीक्षण किया तथा अभिभावकों से प्राप्त सहमति को रजिस्टर में कक्षावार अंकित करने का निर्देश दिया। उनके साथ शिक्षा निदेशक (माध्यमिक) विनय कुमार पाण्डेय भी मौजूद थे।
आज पूरे प्रदेश में शासन तथा विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों को नोडल अधिकारी बनाकर सभी 75 जिलों में भेजा गया था। इसके अतिरिक्त प्रत्येक जिले में जिलाधिकारियों द्वारा भी अपने जिले में टीम बनाकर विद्यालयों का निरीक्षण कराया गया। विद्यालयों में शासन द्वारा निर्धारित किये गये स्वस्थ्य स्वच्छता एवं अन्य सुरक्षा प्रोटोकाल के लिये मानक संचालन प्रक्रिया का पूर्ण रूप से अनुपालन सुनिश्चित कराया गया। कक्षा-9 से 12 तक के कुल 28,474 माध्यमिक विद्यालों में कुल 1,02,89,154 छात्रों के सापेक्ष 34,68,933 छात्रों के अभिभावकों द्वारा अपनी सहमति दी गयी जो कुल छात्रों का 33.71 प्रतिशत है । उक्त 28,474 माध्यमिक विद्यालयों में से 21,661 विद्यालयों में विद्यालय अभिभावक संघ की बैठक आयोजित की गयी जो कुल विद्यालयों का 76.07 प्रतिशत है।
इसी प्रकार विद्यालयों में शौचालयों की साफ-सफाई की व्यवस्था तथा स्वच्छ पेयजल की व्यवस्था भी सुनिश्चित करा ली गयी है।
प्रधानाचार्यो द्वारा निरीक्षण के समय अवगत कराया गया है कि छात्र-छात्राएं प्रसन्नचित्त होकर विद्यालय आयें हैं तथा इनसे प्रेरित होकर आगामी दिनों में छात्र संख्या में वृद्धि होने की पूर्ण सम्भावना है।
भंडारी
वार्ता
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