यूपी के ‘लोकल उत्पाद’ दे रहे ड्रैगन को टक्कर
लखनऊ, 27 अक्टूबर (वार्ता) रोशनी के त्याेहार दीपावली से पहले ‘लोकल फॉर वोकल’ और ‘आत्मनिर्भर भारत’ की राह पर बढ़ते उत्तर प्रदेश के कदम चीनी उत्पादों को टक्कर दे रहे हैं। चीनी उत्पादों के बहिष्कार के चलते लोकल उत्पादों की मांग बाजार में काफी बढ़ गई है।
प्रदेश के उत्पादों का लोहा देश ही नहीं विदेशों में भी बेाल रहा है। गोरखपुर मंडल के देवरिया जिले में तकरीबन 1500 लोगों के व्यापार को नई गति मिली है। इन उत्पादों को ओडीओपी के तहत राष्ट्रीय-अन्तर्राष्ट्रीय मंच पर प्रस्तुत करने का मौका मिल रहा है।
देवरिया जनपद में ओडीओपी के तहत काम कर रहे हजारों लोगों में से सफलता की इबारत गढ़ने वाली पूजा शाही ने साल 2008 में अपनी मां और चाची के साथ हैंडीक्राफ्ट का छोटा सा काम शुरू किया था और आज पूजा शाही इंटरप्राइजेज से 400 महिलाओं को रोजगार दे रही हैं। ओडीओपी से जुड़ने के बाद आज पांच हजार महिलाएं उनकी टीम का हिस्सा हैं। वर्चुअल फेयर से लेकर ऑनलाइन प्लेटफार्म के जरिए उनके उत्पाद यूपी समेत देश और विदेश में भी धूम मचा रहे हैं।
देवरिया की 150 यूनिट में 1500 कारीगर जुड़े हैं। पिछले साल एक करोड़ का टर्नओवर इस साल बढ़कर डेढ़ करोड़ हो गया है। देवरिया के उत्पाद बिहार, वेस्ट बंगाल, लखनऊ, वाराणसी, दिल्ली समेत सिंगापुर और यूएस में निर्यात होते हैं। ओडीओपी की शुरूवात से अब तक यहां के उत्पादों से 2.5 करोड़ की आमदनी हुई है।
पूजा ने कहा “ हैंडिक्राफ्ट के काम को पहचान तब मिली जब 24 जनवरी 2018 को प्रदेश सरकार ने इसे ओडीओपी में शामिल करा दिया। मुझे पांच लाख रुपए तक का लोन राज्य सरकार द्वारा ओडीओपी के तहत मिला है। इस योजना के शुरू होने से पहले जहां मैं केवल 50 पीस तैयार कर पाती थी वहीं अब प्रतिदिन 500 पीस तैयार करती हूं। ”
उन्होंने कहा “ सजावटी सामान, इम्यूनिटी गुड़, अचार, हैंडिक्राफ्ट, दीए, मोम्बत्ती जैसे उत्पादों की मांग यूएस, दुबई समेत देश के अलग-अलग राज्यों में बढ़ गई है। ओडीओपी से मांग और उत्पादन में 60 से 80 प्रतिशत की बढ़ोत्तरी हुई है वहीं अब मेरे साथ 500 महिलाएं अपने स्वरोजगार के सपने को पूरा कर पाई हैं। उन्होंने कहा कि ओडीओपी के साथ अब श्री योगी के ‘मिशन शक्ति’ अभियान से ग्रामीण महिलाएं भयमुक्त होकर काम कर पाएंगी।”
देवरिया के विवेक सिंह ने बताया “ वीएस एनेर्जी इंटरप्राइजेज से डेकोरेटिव हैडिक्राफ्ट और बैंबू लाइट का व्यापार करता हूं। उन्होंने बताया कि हमारे द्वारा तैयार की गई लाइट, झूमर और झालर की मांग नाइजेरिया, अफ्गानिस्तान, दुबई समेत देश के अलग राज्यों में मांग बढ़ रही है। उन्होंने बताया कि मिशन शक्ति और महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए इस योजना के तहत सीधे तौर पर 3000 महिलाओं को रोजगार दिया है। इसके साथ ही देवरिया और दूसरे राज्यों में ग्रो सेंटर बनाकर महिलाओ को एक ही छत के नीचे ट्रेनिंग दी जा रही है।”
पावली पर देवरिया की झालरों, सजावटी सामान, हैंडिक्राफ्ट, दीए और मोम्बत्ती ने बाजारों में चीन के उत्पादों को टक्कर दे रहे हैं। यूपी सरकार ने हैंडिक्राफ्ट के व्यापार से जुड़े लोगों को चीन के टक्कर की झालरों, सजावटी सामान के टक्कर की मूर्तियां बनाने के लिए न सिर्फ प्रोत्साहित किया बल्कि जरूरी सहायता भी उपलब्ध कराई है। नई डिजाइन के सांचे उपलब्ध कराए हैं। रंगों के संयोजन के लिए विशेषज्ञों के जरिए प्रशिक्षण भी दिलाया गया है। नतीजतन, अब यहां के आकर्षक सामान बन रहे हैं।
प्रदीप
वार्ता
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