अर्नब की गिरफ्तारी पर देवरिया के पत्रकार आक्रोशित
देवरिया, 04 नवम्बर (वार्ता) वरिष्ठ पत्रकार और रिपब्लिक टीवी के प्रधान संपादक अर्नब गोस्वामी की गिरफ्तारी के खिलाफ उत्तर प्रदेश में देवरिया के पत्रकारों ने विरोध जताया और इसे पत्रकारिता के इतिहास का काला दिन करार दिया।
पत्रकारों ने बुधवार को कहा कि मुम्बई पुलिस ने लोकतंत्र का गला घोंटते हुए वरिष्ठ पत्रकार अर्नब गोस्वामी को गिरफ्तार 1975 के आपातकाल की याद ताजा कर दी है। उन्होने केन्द्र सरकार से मांग की कि महाराष्ट्र में तत्काल प्रभाव से राष्ट्रपति शासन लागू कर दोषी पुलिस कर्मियों को निलंबित कर कड़ी कार्रवाई किया जाय।
वरिष्ठ पत्रकार सदानंद दुबे ने कहा कि कांग्रेस के शासन काल में 1975 में आपातकाल लागू करके प्रेस का गला घोंटा गया था और आज कांग्रेस की शह पर महाराष्ट्र् सरकार ने अपने पुलिस के दम पर अपने स्वार्थ के लिये एक दिलेर पत्रकार को गिरफ्तार कर उसको प्रताड़ित किया जा रहा है।
वरिष्ठ पत्रकार और जनमोर्चा के जिला प्रभारी सुधाकर पाण्डेय ने कहा कि अर्नव को मुम्बई ने गिरफ्तार कर मीडिया की स्वतंत्रता पर हमला है। यह अलोकतांत्रिक कार्रवाई है। वरिष्ठ पत्रकार वेद प्रकाश दुबे ने कहा कि इस मामले में देश के सारे पत्रकारों को एकजुट होकर अपना विरोध इस महाराष्ट्र के अलोकतांत्रिक सरकार के खिलाफ मुहिम चलाकर पुरजोर विरोध होना चाहिये।
वरिष्ठ पत्रकार अर्नव की गिरफ्तारी और महाराष्ट्र में प्रेस का गला घोंटने की निन्दा डीडी न्यूज के एमपी विवाद,दैनिक भास्कर के राकेश धर द्विवेदी,अमृत प्रभात के राबिन शुक्ला,जनसत्ता के वयोवृद्ध पत्रकार श्रीचंद्र गोरे,द लोकतंत्र के राकेश मणि आदि ने की है।
सं प्रदीप
वार्ता
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