संगीतमय श्रीमद् भगवत कथा सून भक्त हुए मदमोह

पवन गुप्ता 

खजनी भागवत कथा के तिसरे  दिन भगवताचार्य अभय शंकर शुक्ल ने ग्रामसभा खुटभार के  खजनी कस्बे में स्थित जजमान रामलाल मद्धेशिया  श्रीमद् भागवत कथा का कार्यक्रम श्याम जी मद्धेशिया के घर पर चल रहा है। श्रीमद् भागवत कथा के दौरान कार्यक्रम  परीक्षित जन्म, कलयुग के प्रवेश,कर्दम ऋषि और देवाहुति के विवाह के बाद जन्मे कपिल भगवान की कथा का सारगर्भित वृतांत सुनाया गया। उन्होंने कहा कि जन्म से मृत्यु तक जीव सुख की तलाश में रहता है और उसे वह परम सुख तथा चित्त की शांति भागवत प्रेम से ही प्राप्त होता है। उन्होंने भगवान वेदव्यास परीक्षित और शुक सौनकादि ऋषियों की कथा सहित कपिल चरित्र का भी वर्णन किया। श्रीमद् भागवत कथा के तीसरे दिन कथा सुनाते हुए बताया कि किसी भी स्थान पर बिना निमंत्रण जाने से पहले इस बात का ध्यान जरूर रखना चाहिए कि जहां आप जा रहे है वहां आपके इष्ट या गुरु का अपमान न हो। यदि ऐसा होने की संभावना हो तो उस स्थान पर जाना उचित नहीं। चाहे वह स्थान आपके जन्म दाता पिता का घर ही क्यों हो। कथा में सती प्रसंग को सुनाते हुए बताया कि भगवान शिव की बात नहीं मानने पर सती को पिता के घर जा कर अपमानित होने के कारण स्वयं अग्नि में स्वाहा होना पड़ा। महाराज उत्तानपाद के वंश में ध्रुव चरित्र की कथा को सुनाते हुए समझाया कि ध्रुव की सौतेली मां सुरुचि के द्वारा अपमानित होने पर भी उसकी मां सुनीति ने धैर्य नहीं खोया जिससे एक बहुत बड़ा संकट टल गया। परिवार की सुख शांति बचाए रखने के लिए धैर्य और संयम की नितांत आवश्यकता होती है। भक्त ध्रुव द्वारा तपस्या करके श्रीहरि भगवान विष्णु को प्रसन्न करने की कथा को सुनाते हुए बताया कि भक्ति के लिए कोई भी उम्र बाधक नहीं होती है। कथा व्यास ने बताया कि सच्ची आस्था,श्रद्धा एवं विश्वास पूर्वक श्रीमद्भागवत कथा सुनने से मनुष्य के दैहिक दैविक और भौतिक कष्ट दूर होते एवं ईश्वर की कृपा प्राप्त होने से संसार से उसका मोह दूर होता है।

मौके पर उपस्थित भक्तगण रामजी मद्धेशिया, गुलाब त्रिपाठी,विनोद पांडे ,मनीष मिश्रा, दीनानाथ मोदनवाल, श्याम जी, रामवृक्ष वर्मा, लक्ष्मी सहित अन्य भक्त रहे मौजूद।

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