हाथरस प्रकरण की सुनवाई में सरकार का पक्ष पेश
लखनऊ, 02 नवम्बर (वार्ता) उत्तर के चर्चित हाथरस मामले की आज उच्च न्यायालय की लखनऊ पीठ में सुनवाई हुई और अदालत के पूर्व आदेश के तहत गृह सचिव , एडीजी लॉ एन्ड ऑर्डर तथा पूर्व एस पी उपस्थित हुए।
राज्य सरकार की ओर से अपर महाधिवक्ता विनोद कुमार शाही ने पीठ के समक्ष हलफनामा देकर सरकार का पक्ष पेश किया। मामले की अगली सुनवाई 25 नवम्बर को नियत की गई है ।
इस मामले में सुनवाई के समय न्यायमित्र वरिष्ठ अधिवक्ता जयदीप नरायन माथुर ,पीड़ित परिवार की वकील सीमा कुशवाहा तथा हिरासत में लिए अभियुक्तो की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता सिद्धार्थ लूथरा उपस्थित हुए ।
न्यायमूर्ति पंकज मिथल व न्यायमूर्ति राजन राय की पीठ ने स्वतः संज्ञान वाली याचिका पर यह आदेश दिए ।
गौरतलब है कि इस मामले में गत एक अक्टूबर को उच्च न्यायालय की लखनऊ पीठ ने स्वतः संज्ञान लेते हुए सम्बधित दस्तावेजो सहित आला अधिकारियों को अदालत में पेश होने के आदेश दिए थे । पूर्व आदेश के पालन में अधिकारी व पीड़िता के परिवारीजन अदालत में उपस्थित भी हुए थे । इस मामले में न्यायालय ने प्रदेश सरकार, के शीर्ष अधिकारियों और हाथरस के डीएम व एसपी को नोटिस जारी किया था। पहले न्यायमूर्ति राजन रॉय और न्यायमूर्ति जसप्रीत सिंह की खंडपीठ ने इस मुद्दे का स्वत: संज्ञान लेते हुए आदेश जारी किए थे
इलाहाबाद उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश गोविंद माथुर को पत्र भेजकर इस समूचे घटनाक्रम की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की गयी थी । पत्र में विशेष जांच एजेंसी को जांच ट्रांसफर करने की भी मांग की गयी है। अधिवक्ता गौरव द्विवेदी ने मुख्य न्यायाधीश गोविंद माथुर को पत्र भेजकर उनसे प्रार्थना की थी कि वह 14 सितंबर को हुए इस दुष्कर्म मामले का स्वत: संज्ञान लेकर युक्ति-युक्त निर्देश जारी करें। पत्र में अधिवक्ता ने लिखा था कि चार लोगों ने दुष्कर्म के बाद गला दबाकर मारने की कोशिश की थी । प्रदेश में कानून का शासन है, जनता के मन में ऐसा विश्वास पैदा करने के लिए आवश्यक है। मांग की गई थी कि इस दुष्कर्म मामले की जांच किसी निष्पक्ष एजेंसी से कराई जाए, ताकि समूचे घटना की सही जांच संभव हो सके । इस मामले में योगी सरकार ने सीबीआई जांच की शिफारिश भेजी थी । इसके बाद सी बी आई ने जांच टेकओवर भी कर ली है
पहले अदालत ने मृत युवती के परिवार के पांच लोगों के साथ ही उत्तर प्रदेश पुलिस के मुखिया सहित शीर्ष अधिकारियों तथा हाथरस के डीएम व एसपी से भी उनका पक्ष जाना था। सुुनवाई के समय सेे राज्य की ओर से अपर महाधिवक्ता विनोद कुमार शाही ने सरकार का पक्ष रखा था । पीड़ित पक्ष की वकील सीमा कुशवाहा ने बताया था कि शुरुआत से ही सही जांच नहीं की। इसके साथ ही बिना किसी सहमति के रात में बेटी का अंतिम संस्कार कर दिया । अगली सुुनवाई 25 नवम्बर को होगी ।
सं त्यागी
वार्ता
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