राम मंदिर की नींव की गुणवत्ता परखेगी विशेषज्ञों की टीम
अयोध्या, 14 दिसम्बर (वार्ता) उत्तर प्रदेश के अयोध्या में श्रीरामजन्मभूमि पर विराजमान रामलला के भव्य राम मंदिर की नींव की गुणवत्ता परखने के लिये देश के आठ प्रतिष्ठित भू-विशेषज्ञों की कमेटी गठित की गयी है।समिति के सूत्रों ने सोमवार को बताया कि राम मंदिर निर्माण समिति ने मंदिर निर्माण को लेकर रविवार को एक और अधिसूचना जारी कर आठ सदस्यीय विशेषज्ञ समिति का गठन किया है जिसमें देश के टॉप इंजीनियरों को रखा गया है। इसका उद्देश्य विभिन्न भू तकनीकी सुझावों को ध्यान में रखते हुए उच्चतम गुणवत्ता और दीर्घायु के साथ मंदिर का निर्माण कराना है।
उन्होंने बताया कि कमेटी में प्रो बी.एस. राजू, पूर्व निदेशक आईआईटी दिल्ली अध्यक्ष होंगे जबकि प्रो एन. गोपाला कृष्णनन, निदेशक सीबीआरआई रुडक़ी को संयोजक नियुक्त किया गया है। समिति के अन्य सदस्यों में प्रो एस.आर. गांधी निदेशक एन.आई.टी. सूरत , प्रो. टी.जी. सीताराम निदेशक आईआईटी गुवाहटी , प्रो. बी. भट्टाचार्जी आईआईटी, दिल्ली, ए.पी. मुल सलाहकार टीसीई , प्रो. मनु संथानम, आईआईटी मद्रास, प्रो. प्रदीप्ता बनर्जी आईआईटी मुंबई शामिल हैं। समिति अपनी रिपोर्ट 15 दिसम्बर तक सौंपेगी।
सूत्रों ने बताया कि आवश्यकतानुसार ट्रस्ट के प्रोजेक्ट मैनेजर जगदीश आप्टे व निर्माण समिति के सलाहकार ए.के. मित्तल से भी सलाह मशविरा कर सकेगी। उन्होंने बताया कि रामजन्मभूमि स्थल पर 200 फिट नीचे भुरभुरी बालू मिलने से राम मंदिर निर्माण नींव का कार्य फिलहाल रोक दिया गया था, अब इस कमेटी की रिपोर्ट आने के बाद ही नींव का काम चालू होगा।
उन्होंने बताया कि पुख्ता नींव तैयार करने के लिये तकनीकी विशेषज्ञों की टीम मंथन कर रही है। भव्य राम मंदिर एक हजार वर्ष तक अक्षुण्ण बना रहे यह कार्य बिना मजबूत नींव के संभव नहीं है, इसलिये राम मंदिर की नींव ऐसी हो जो भूकम्प रोधी व दूसरी आपदाओं से सैकड़ों वर्ष तक सुरक्षित रहे।
सं प्रदीप
जारी वार्ता

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