ज्ञानवापी स्थित विश्वेस्वर नाथ मंदिर मस्जिद विवाद की सुनवाई शुरू

 प्रयागराज, 20 जनवरी (वार्ता) इलाहाबाद उच्च न्यायालय में वाराणसी के ज्ञानवापी स्थित भगवान विश्वेस्वर नाथ मंदिर - मस्जिद विवाद की सुनवाई शुरू हो गयी है।

अंजुमन इंतजामिया मस्जिद वाराणासी की तरफ से अपर जिला जज वाराणसी के आदेश की चुनौती में दाखिल याचिका की सुनवाई न्यायमूर्ति प्रकाश पाडिया कर रहे है।
याचिका में स्वयंभू भगवान विश्वेस्वर के सिविल वाद को उपासना स्थल (विशेष उपबंध)कानून 1991 की धारा 4 से बाधित मानते हुए निरस्त करने की मांग की गयी है। मंदिर की तरफ से कहा गया है कि तहखाने एवं आसपास लगातार पूजा अर्चना हो रही है। इसलिए अवैध निर्माण हटाकर मंदिर का पुनरुद्धार करने की अनुमति दी जाये और याचिका खारिज की जाये।
गौरतलब है कि 18 अक्टूबर 1991 को स्वयंभू लार्ड विश्वेस्वर बनाम अंजुमन इंतजामिया मस्जिद वाराणसी सिविल वाद दायर किया गया। जिसमे तहखाने के ऊपर निर्माण सहित पुराने मंदिर के हिस्से व नौबत खाने को भगवान विश्वेस्वर नाथ की संपत्ति घोषित करने ,हिन्दुओं को मंदिर का पुनरुद्धार करने का अनुमति देने तथा मंदिर भूमि पर मुस्लिम समुदाय के कब्जे को अवैध घोषित करने की मांग की गयी है।
साथ ही अवैध निर्माण हटाकर वादी को कब्जा सौपा जाय और सेवा,पूजा,राज भोग में हस्तक्षेप पर स्थायी रोक लगायी जाये।
याची ने 1991के उपासना स्थल कानून के तहत आपत्ति दाखिल कर 15 अगस्त 1947 की स्थिति बरकरार रखे जाने एवं मुकदमें को खारिज करने की माग की।
न्यायालय ने वाद विन्दुओं तय किये कि क्या न्याय शुल्क पर्याप्त है और क्या वाद धारा 4 से वर्जित होने के कारण निरस्त करने योग्य है । वादी ने इन वाद विन्दुओं को वापस लेने की अर्जी दी, जिसे पर याची ने आपत्ति दाखिल की। न्यायालय ने धारा 4 में वाद को वर्जित मानते हुए मुकदमा खारिज कर दिया। जिसके खिलाफ वादी ने अपर जिला जज के समक्ष पुनरीक्षण अर्जी दाखिल की। अपर जिला जज ने अर्जी को स्वीकार करते हुए सिविल जज के आदेश को रद्द कर दिया। इस आदेश को याचिका में चुनौती दी गई है।
न्यायालय अगली सुनवाई 22 जनवरी को करेगी।
सं दिनेश प्रदीप
वार्ता

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