पहले सरकारी भूमि बताकर कराया खाली, फिर दे दिया दूसरे को कब्ज़ा
पवन गुप्ता
गोरखपुर । सदर तहसील के कैंट थाना क्षेत्र में खोवा मंडी स्थित एक अराजी को बृहस्पतिवार के दिन सरकारी भूमि बता कर वर्षों से वहां आबाद लोगों को बेदखल कर एक अन्य व्यक्ति को कब्जा दे दिए जाने की चर्चा दिनभर तहसील परिसर में चलती रही। सदर तहसील और पुलिस प्रशासन द्वारा की गई इस कार्रवाई में न तो स्थानीय लेखपाल की मौजूदगी रही न ही कानूनगो साहब कहीं दिखाई दिए और न सरकारी भूमि को अतिक्रमण से मुक्त कराने वाले अभियानों में बढ़चढ़ कर भाग लेने वाले और टीम का नेतृत्व् करने वाले सदर तहसीलदार ही कहीं नजर आए ।
वहीं उक्त आराजी नंबर 556 पर काबिज शशि देवी और पुष्पा देवी के परिजनों ने एक तरफा सरकारी कार्रवाई का आरोप लगाते हुए बताया कि राजस्व रिकॉर्ड में उनका नाम दर्ज होने, मौके पर उनका कब्जा होने के साथ ही न्यायालय द्वारा स्थगन आदेश होने के बावजूद उन्हें उजाड़ कर उनके विपक्षी प्रभाकर द्विवेदी को कब्जा दे दिया गया।
आनन-फानन में की गई इस सरकारी कार्यवाही के संबंध में एक तरफ तहसील के अन्य जिम्मेदारों ने खामोशी अख्तियार कर रखी है तो
वही दूसरी तरफ सरकारी भूमि बताकर पूर्व में रह रहे लोगों को हटाने और फिर दूसरे दिन दीवार चलाकर एक अन्य व्यक्ति द्वारा कब्जा कर लिए जाने के संबंध में जब जॉइंट मजिस्ट्रेट/एसडीएम सदर गौरव सिंह सोगरवाल से जानकारी ली गई तो उन्होंने बताया कि उस जगह लगभग 20 डिसमिल सरकारी भूमि चिन्हित की गई है जिसे कब्जा मुक्त कराया जाना है।
दूसरे व्यक्ति द्वारा कब्जा किए जाने का के सवाल पर जॉइंट मजिस्ट्रेट/एसडीएम सदर ने बताया कि किसी अन्य व्यक्ति द्वारा कब्जा किए जाने की बात उनके संज्ञान में नहीं है।
उन्होंने आने वाले दिनों में एक अन्य अभियान चलाकर वहाँ की सरकारी जमीन को कब्जा मुक्त कराने की बात कही।
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