भारत के लोकतंत्र ने दुनिया के सामने आदर्श स्थापित किया है:कोविंद

 नयी दिल्ली, 25 जनवरी (वार्ता) राष्ट्रपति राम नाथ कोविंद ने कहा है कि स्वतंत्रता प्राप्ति के बाद भारत लोकतंत्र के विश्व व्यापी आदर्श के रूप मे उभरा है और सशक्त निर्वाचन तंत्र के जरिए भारत निर्वाचन आयोग ने पूरी दुनिया के सामने उदाहरण प्रस्तुत किया है।

भारत निर्वाचन आयोग की ओर से 11 वें मतदाता दिवस पर यहां आयोजित समारोह के दौरान राष्ट्रपति ने चुनाव आयोग के 72 वें स्थापना दिवस पर देशवासियों को बधाई देते हुए अपने वर्चुअल संबोधन में कहा कि हमारे जीवंत लोकतन्त्र के संचालन में चुनाव प्रक्रिया की प्रमुख भूमिका है।

उन्होंने कहा कि चुनाव प्रक्रिया की सफलता का आधार हमारे जागरुक मतदाता हैं। उन्होंने उन सभी युवा मतदाताओं को बधाई दी जिन्हें पहली बार मतदान का अधिकार प्राप्त हुआ है।

श्री कोविंद ने कहा,“ स्वाधीनता प्राप्ति के बाद भारत के संविधान के माध्यम से रोपे गए लोकतंत्र के पौधे की जड़ें, लगभग ढाई हजार साल पुरानी गणतंत्र की मिट्टी से पोषण प्राप्त कर रही हैं। इसीलिए आज जब पूरी दुनिया में लोकतांत्रिक संस्थाओं के कमजोर होते जाने की आशंकाएं व्यक्त की जा रही हैं, तब भारत में लोकतंत्र मजबूत होता जा रहा है। वैशाली, कपिलवस्तु और मिथिला की परंपरा से भारत ने यह सीखा है कि शासन पर समाज के किसी एक वर्ग या वंश का एकाधिकार नहीं होता है। लोकतंत्र में ‘लोक’ यानी जनता की इच्छा ही सर्वोपरि होती है। गांधीजी के ‘ग्राम स्वराज’ से प्रेरित हमारे संविधान के ‘पंचायती-राज’ में, भारत की इसी परंपरा की सहज अभिव्यक्ति देखी जा सकती है।”

राष्ट्रपति ने कहा, “ भारत की चुनाव प्रक्रिया के सफल संचालन से प्रेरित होकर, विश्व के अनेक देशों ने हमारी चुनाव प्रणाली का अध्ययन करने में रुचि दिखाई है। स्वतंत्रता-प्राप्त करने के लगभग 75 वर्षों के भीतर ही भारत लोकतन्त्र के एक विश्व-व्यापी आदर्श के पोषक के रूप में उभरा है। इस उपलब्धि में, निर्वाचन आयोग से लेकर साधारण नागरिकों तक का अमूल्य योगदान है। ”

उन्होंने कहा, “हम सभी को मतदान के बहुमूल्य अधिकार का सदैव सम्मान करते रहना चाहिए क्योंकि मतदान का अधिकार कोई साधारण अधिकार नहीं है और इसके लिए दुनिया भर में लोगों ने बहुत संघर्ष किया है। ”
श्री कोविंद ने कोविड महामारी के दौरान सफल चुनाव आयोजन के लिए मतदान-तंत्र से जुड़े लोगों और मतदाताओं को बधाई दी। उन्होंने कहा कि बिहार विधान-सभा, जम्मू-कश्मीर व लद्दाख में सफल एवं सुरक्षित चुनावों का सम्पन्न होना हमारे लोकतन्त्र की असाधारण उपलब्धि है।
उन्होने कहा, “चुनाव आयोग ने सुगम, समावेशी और सुरक्षित चुनाव आयोजित करने के लिए बहुत नए उपाय किए। बिहार विधान सभा के चुनाव में, दिव्यांग-जनों, वृद्ध-जनों, आवश्यक सेवाओं में कार्यरत मतदाताओं, कोविड से संक्रमित या क्वारंटीन में रखे गए मतदाताओं को डाक मतपत्र सुविधा उपलब्ध कराई गई। महिलाओं की सुविधा के लिए, महिलाओं द्वारा प्रबंधित मतदाता केन्द्रों की संख्या बढ़ाई गई। इन्हीं कोशिशों के कारण कोविड महामारी से जुड़े प्रतिबंधों और कठिनाइयों के बावजूद मतदान का प्रतिशत 57.05 तक पहुंच गया जो कि 2019 के लोकसभा चुनाव के मतदान प्रतिशत के लगभग बराबर था।”
उन्होने कहा कि कोरोना महामारी अभी पूरी तरह से समाप्त नहीं हुई है। ऐसे में ‘डिजिटल इंडिया’के साथ-साथ सूचना प्रौद्योगिकी के उपयोग के लिए चुनाव आयोग ने नवीन उपाय किए हैं। इन प्रयासों के परिणामस्वरूप, एक जनवरी 2021 तक लगभग 27 लाख नए मतदाताओं के नाम मतदाता सूची में शामिल किए गए हैं। अब हमारे देश में मतदाताओं की संख्या 92 करोड़ से अधिक हो गई है जिनमें महिलाओं की संख्या लगभग 44 करोड़ से ऊपर है।
राष्ट्रपति ने कहा कि भारतीय संविधान के प्रमुख शिल्पी बाबासाहब डॉक्टर भीमराव आंबेडकर ने मतदान के अधिकार को सर्वोपरि माना था। इसलिए हम सभी का, विशेष रूप से, पहली बार मतदान का अधिकार प्राप्त करने वाले हमारे युवाओं का दायित्व है कि वे न केवल स्वयं अधिक से अधिक संख्या में, पूरी समझ-बूझ के साथ अपने मताधिकार का प्रयोग करें, अपितु दूसरे लोगों को भी प्रेरित करें।
कार्यक्रम के दौरान राष्ट्रपति ने साल 2020-21 में निर्वाचन प्रक्रिया से जुड़े बेहतरीन काम करने वाले राज्य और जिला स्तर के अधिकारियों को राष्ट्रीय पुरस्कार प्रदान किए। पुरस्कार प्राप्त करने वालों में निर्वाचन अधिकारियों के अलावा मतदाताओं को जागरुक करने में योगदान देने वाले मीडिया और प्रमुख हस्तियों समेत तमाम हितधारक शामिल है। ॰ी कोविंद ने निर्वाचन आयोग के ऑनलाइन डिजिटल रेडियो सेवा 'हैलो वोटर्स' का शुभारंभ भी किया। ये रेडियो सेवा मतदाता जागरुकता कार्यक्रमों का प्रसारण करेगी।
भारत निर्वाचन आयोग के स्थापना दिवस 25 जनवरी 1950 को मनाने के लिए 2011 से हर साल 25 जनवरी को राष्ट्रीय मतदाता दिवस मनाया जाता है। इसका उद्देश्य मतदाताओं को प्रोत्साहित करना और उन्हे मतदान से जुड़ी सुविधाएं मुहैया कराना है।
प्रणव टंडन
वार्ता


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