निजी क्षेत्र ने कोविड टीकाकरण में सहयोग की जताई इच्छा
नयी दिल्ली 07 जनवरी (वार्ता) निजी कंपनियों ने कोविड-19 महामारी के टीकाकरण में ‘सहयोग की इच्छा’ जताई है।
भारतीय उद्योग संगठनों के महासंघ फिक्की ने गुरुवार को कहा है कि वह टीकाकरण में सरकार का हाथ बंटाने और टीकाकरण की देश की क्षमता बढ़ाने में सहयोग की इच्छा जताई है। फिक्की की स्वास्थ्य सेवा समिति के अध्यक्ष डॉ. आलोक रॉय ने कहा “हम अब तक के सबसे बड़े और जटिल टीकाकरण कार्यक्रम शुरू करने वाले हैं। इसकी सफलता के लिए प्रभावी साझेदारी और निर्बाध गठबंधन महत्वपूर्ण होगा। हम उम्मीद करते हैं कि सरकार निजी क्षेत्र की मंशा और प्रतिबद्धता पर ध्यान देगी।”कोविड-19 के टीकाकरण के लिए गठित विशेषज्ञों के राष्ट्रीय समूह ने पिछले साल नवंबर में निजी क्षेत्र के प्रतिनिधियों से मुलाकात की थी और इस बात का आकलन करने की कोशिश की थी कि टीकाकरण कार्यक्रम के लिए निजी क्षेत्र की क्षमता कितनी है। फिक्की ने उस समय राष्ट्रीय समूह को अपनी प्रस्तुति दी थी। अब वह चाहती है कि उसके सदस्य निजी अस्पताल समूहों को टीकाकरण कार्यक्रम का हिस्सा बनाया जाये।
फिक्की ने अपने एक सर्वेक्षण का हवाला देते हुये कहा कि स्वास्थ्य क्षेत्र में काम करने वाले 81 प्रतिशत निजी कंपनियाँ स्थानीय फ्रंट लाइन वर्करों को टीका लगाने की इच्छुक हैं जबकि 75 प्रतिशत कंपनियों ने कहा है कि वे स्थानीय लोगों के टीकाकरण के काम के लिए भी तैयार हैं। सत्तर प्रतिशत कंपनियों ने कहा है कि वे अर्द्धशहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में टीकाकरण के अपने कर्मचारियों को भेजने के लिए तैयार हैं। टीकाकरण के लिए स्वास्थ्यकर्मियों को प्रशिक्षण देने में 94 प्रतिशत ने रुचि दिखाई है।
अजीत आशा
वार्ता
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