रोजगार सेवकों का मानदेय दस हजार करने पर विचार किया जाएगा: मोती सिंह

 लखनऊ, 22 जनवरी (वार्ता) उत्तर प्रदेश के ग्राम्य विकास मंत्री राजेन्द्र प्रताप सिंह ‘मोती सिंह‘ ने कहा है कि कोरोना महामारी के समय ग्राम रोजगार सेवकों ने विपरीत परिस्थितियों में भी सराहनीय कार्य किया है इसलिए उनका मानदेय बढ़ाकर 10,000 रूपये प्रतिमाह करने की सरकार पूरी कोशिश करेगी।

उन्होंने कहा कि ग्राम रोजगार सेवकों को चिकित्सीय सुविधा उपलब्ध कराने के सम्बन्ध में विचार किये जाने के साथ ही उनकी अन्य समस्याओं का भी शीघ्र निराकरण करने का पूरा प्रयास किया जायेगा।
श्री सिंह आज यहां उत्तर प्रदेश ग्राम रोजगार सेवक संघ के बेगरिया, दुबग्गा, लखनऊ में आयोजित प्रादेशिक महासम्मेलन को सम्बोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि ग्राम रोजगार सेवकों की मेहनत से मानव दिवस सृजन के मामले में उल्लेखनीय कार्य हुआ है। उन्होंने कहा कि मनरेगा कर्मियों के भविष्य को उज्ज्वल करने के लिए वह कोई कसर नहीं छोड़ेंगे। उन्होंने कहा कि इसके अलावा एचआरपाॅलिसी बनाने पर भी विचार किया जायेगा। और पूर्व से निर्गत शासनादेशों को कड़ाई से लागू कराया जाएगा।
इस मौके पर राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद के अध्यक्ष एसपी तिवारी की अध्यक्षता में आयोजित कार्यक्रम में संगठन के प्रदेश प्रभारी कमलेश कुमार गुप्ता ने ग्राम विकास मंत्री को संगठन की मांगों के सम्बन्ध में मांग-पत्र दिया। कार्यक्रम के संयोजक और संगठन के प्रदेश अध्यक्ष भूपेश कुमार सिंह ने सभी अतिथियों को आभार प्रकट किया।
इस अवसर पर सांसद कौशल किशोर, विधायक जय देवी कौशल, एमएलसी अवनीश कुमार सिंह, अपर आयुक्त, मनरेगा, योगेश कुमार, राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद, उत्तर प्रदेश के महामंत्री आर के निगम, अखिल भारतीय मनरेगा कर्मचारी महासंघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष विष्णु प्रताप सिंह, संगठन के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष देवेन्द्र प्रताप शाही, महामंत्री ज्ञान प्रकाश त्रिपाठी आदि सभी पदाधिकारी मौजूद रहे।

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