वाराणसी-केवड़िया ट्रेन सेवा से मोदी के संसदीय क्षेत्र में खुशी का माहौल
वाराणसी, 17 जनवरी (वार्ता) बाबा विश्वनाथ की नगरी काशी और प्रथम उप प्रधानमंत्री रहे लौह पुरुष सरदार वल्लभ भाई पटेल की दुनिया की सबसे बड़ी प्रतिमा वाले गुजरात के केवड़िया शहर को रविवार को सुपरफ़ास्ट ट्रेन सेवा से जोड़ने को कोरोना महामारी से गत करीब एक वर्ष से जूझ रहे यहां के व्यापारी अपने कारोबार बेहतरी की उम्मीद की किरण मानते हैं।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संसदीय क्षेत्र वाराणसी से उनके गृह राज्य गुजरात के केवड़िया के लिए रविवार को साप्ताहिक ट्रेन सेवा ‘महामना सुपरफास्ट’ शुरू होने पर यहां के लोग बेहद खुश एवं उत्साहित है क्योकि अब उनका आवागमन आसान होने के साथ-साथ पर्यटन, कपड़ा और हस्तशिल्प के व्यापार और बेहतर हो सकते हैं।श्री मोदी ने नई दिल्ली से वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिये हरी झंडी दिखाकर वाराणसी समेत देश के अलग-अलग स्टेशनों से आठ नई ट्रेंनों को कवड़िया के लिए एक साथ रवाना किया। उत्तर रेलवे के वाराणसी स्टेशन पर एक समारोह में दुल्हन-सी सजी गाड़ी जब रवाना हुई तो यहां मौजूद उत्तर प्रदेश के स्वतंत्र प्रभार के राज्य मंत्र डॉ0 नीलकंठ तिवारी एवं रविंद्र जायसवाल समेत अनेक गणमान्य लोगों ने ‘हर-हर महादेव’ एवं ‘बाबा विश्वनाथ की जय’ के जयकारे लगाकर पहली ट्रेन के यात्रियों को शुभकामनाएं दीं।
इस अवसर पर दोनों मंत्रियों ने कहा कि ट्रेन के रुप में प्रधानमंत्री ने एक और तोहफा यहां के लोगों दिया है, जिससे आवागमन के साथ-साथ व्यापार, खासकर पर्यटन, कपड़ा एवं हस्तशिल्प कारोबार में और वृद्धि की उन्हें उम्मीद है।
प्राचीन धार्मिक नगरी में श्री काशी विश्वनाथ मंदिर और केवड़िया के बीच विशेष ट्रेन के संचालन से धार्मिक आस्था तथा भारत के लौहपुरुष एवं प्रथम उप प्रधानमंत्री सरदार वल्लभ भाई पटेल के बारे में जानने मदद मिलेगी। सरदार पटेल के गृह राज्य में नर्मदा डैम पर स्थापित उनकी दुनियां की सबसे बड़ी प्रतिमा ‘स्टैच्यू ऑफ यूनिटी’ देखने की तमन्ना पूरी होगी।
होटल व्यवसायी संदीप मिश्रा ने खुशी व्यक्त करते हुए बताया कि नयी ट्रेन का संचालन शुरु होने से कोरोना महामारी के कारण करीब एक साल से लगभग ठप पड़े काम-धंधे के अब पटरी पर लौटने की उम्मीद जगी है। उनका कहना है कि बेहतर आवागमन से देश-विदेश के पयर्टक एवं श्रद्धालुओं की दोनों प्रमुख शहरों के बीच आवाजाही बढ़ सकती है। बहुत से लोग श्री काशी विश्वनाथ मंदिर पूजा-अर्चना करने एवं गुजरात के ‘स्टैच्यू ऑफ यूनिटी’ देखने के लिए यात्राएं कर सकते हैं, जिससे उनका व्यापार निश्चित तौर पर बढ़ेगा।
श्री मिश्रा की तरह यहां के निवासी राधेश्याम यादव एवं संतोष चौरसिया तथा ट्रैवल एजेंसी चलाने वाले रामचरण सिंह को भी आशा है कि बेहतर आवागमन से बनारसी साड़ी और हस्तशिल्प, पर्यटन का उनका कारोबार पटरी पर आयेगा।
रेलवे सूत्रों ने बताया कि गाड़ी संख्या 09104 ‘महामना सुपर फास्ट’ साप्ताहिक हर गुरुवार सुबह पांच बजकर 25 मिनटर पर वाराणसी (कैंट) स्टेशन से रवाना होने और अगले दिन शुक्रवार नौ बजकर 15 मिनट पर केवड़िया स्टेशन पहुंचने का समय निर्धरित किया गया। वापसी में यह ट्रेन केवड़िया से गाड़ी संख्या 09103 बनकर हर मंगलवार शाम छह बजकर 55 मिनट पर रवाना होकर अगले दिन रात 11 बजकर 10 मिनट पर वाराणसी पहुंने समय निर्धारत किया गया। वाराणसी से केवड़िया 27 घंटे 50 मिनट और केवड़िया से वाराणसी आने में 28 घंटे 15 मिनट का समय का निर्धाति है।
उन्होंने बताया कि 1614 किलोमीटर की करीब 27 घंटे 50 मिनटों से 28 घंटे 15 मिनटों की की यात्रा के दौरान वाराणसी और केवड़िया के बीच प्रयागराज, सतना, कटनी, जबलपुर, इटारसी, भुसावल, अमालनेर, नंदूरबार, सूरत, भरूच एवं बडोदरा सहित 11 स्टेशनों पर ठहराव (स्टॉपेज) के साथ गुजरेगी । ट्रेन में वातानुकूलित श्रेणी में प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय स्तर और समान्य शयनयान और सामान्य स्तर के कोच लगे हैं, जिनमें यात्रियों के लिए तमाम जरूरी सुविधाएं उपलब्ध हैं।
ग़ौरतलब है कि गुजरात की राजधानी अहमदाबाद से करीब 200 किलोमीटर दूर नर्मदा नदी के तट पर 182 मीटर (600 फीट) ऊंची स्टैच्यू ऑफ यूनिटी बनाने में तीन हजार करोड़ रुपये खर्च हुए हैं। इसे आम लोगों के दर्शन के लिए रविवार से शनिवार तक प्रत्येक दिन सुबह आठ बजे से शाम छह बजे तक खुला जाता है। सोमवार को साप्ताहिक छुट्टी रहती है।
बीरेंद्र त्यागी
वार्ता
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