शहरों में बाईपास बनाने की कार्ययोजना तैयार करे लोनिवि: मौर्य

 

लखनऊ 25 जनवरी (वार्ता) उत्तर प्रदेश के उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने बड़े शहरों और घनी आबादी वाले इलाकों में जाम की समस्या से निजात दिलाने के लिये बाईपास की कार्ययोजना बनाने के निर्देश लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों को दिये हैं।

श्री मौर्य ने सोमवार को एक समीक्षा बैठक में कहा कि सभी 75 जिलों में इसका चिन्हाकंन करा लिया जाय कि कहां-कहां पर बाईपास बनाये जाने की वास्तव में आवश्यकता है। बाईपासों का मास्टर प्लान आगामी 20 वर्षों को ध्यान में रखकर बनाया जाये क्योंकि सड़कों के विकास से ही प्रदेश का सर्वांगीण विकास हो सकेगा।

उन्होने कहा कई जिलों में तो एक से अधिक बाईपास बनाये जाने की आवश्यकता है। उत्तर प्रदेश की जनसंख्या और सबसे अधिक ट्रांसपोर्ट की वजह से बाईपास बनाया जाना जरूरी है और इस दृष्टिकोण से पूरे प्रदेश में बाईपास बनाये जाने के हर सम्भव प्रयास किये जायेंगे। उन्होने कहा कि इससे जहां जाम की समस्या से निजात मिलेगी, वहीं काफी लोगों को रोजगार भी मिलेगा।

उपमुख्यमंत्री ने निर्देश दिये सभी जिला मुख्यालयों व तहसील स्तर पर स्थाई रूप से हेलीपैड बनाये जाने की भी कार्ययोजना बनायी जाये। कार्ययोजना बनाते समय सभी तकनीकी पहलुओं पर गहन विचार विमर्श कर लिया जाय। जिला स्तर पर जहां पर लोक निर्माण विभाग के निरीक्षण भवन हैं, वहीं पर भूमि की उपलब्धता को देखते हुये हेलीपैड बनाये जाने की कार्ययोजना बनायी जाये। जहां पर हेलीपैड बनने हैं, वहां सेफ हाउस बनाये जाने पर भी विचार कर लिया जाय।

श्री मौर्य ने कहा कि बड़े प्रोजेक्ट और सेतु निगम की बड़ी परियोजनाओं को ईपीसी मोड (इंजीनियरिंग, प्रोक्योरमेन्ट एण्ड कान्स्ट्रक्शन) पर करने का भी विचार किया जाये। चालू कार्यों तथा नये कार्यों की कार्यवार व उनके लिये आवंटित धनराशि की जानकारी लेते हुये स्पष्ट निर्देश दिये कि युद्धस्तर पर कार्य करके सभी परियोजनाओं को पूरा किया जाय, जहां पर धन की मांग है, उपयोगिता प्रमाण-पत्र लेते हुये शीघ्र से शीघ्र धनराशि जारी की जाये।

प्रदीप

वार्ता

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