‘आत्मनिर्भर उत्तर प्रदेश’ की संकल्पना को साकार करेगा बजट : योगी
लखनऊ, 22 फरवरी (वार्ता) उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने वित्तीय बजट 2021-22 को गरीब,मजदूर, किसान,युवा और महिलाओं समेत समाज के हर वर्ग की भावनाओं का प्रतिनिधित्व करने वाला सर्वसमावेशी बजट करार देते हुये कहा कि कोविड काल के बीच यह बजट प्रदेश में नई आशा, नई ऊर्जा और विकास की नवीन संभावनाओं को उड़ान देने का माध्यम बनेगा।
श्री योगी ने विधान भवन के तिलक हाल में आयोजित संवाददाता सम्मेलन में कहा कि यह बजट ‘सबका साथ, सबका विकास और सबका विश्वास की उत्कृष्ट भावनाओं से परिपूर्ण है जो प्रदेश की 24 करोड़ जनता की भावनाओं का प्रतिनिधित्व करता है। बजट में हर घर को नल, हर घर में बिजली, हर खेत को पानी और हर हाथ को काम देने के संकल्प निहित है।उन्होने कहा कि यह बजट हर गांव में ग्राम सचिवालय, कॉमन सर्विस सेंटर, बीसी सखी के माध्यम से सुदूर क्षेत्रों को बैंकिंग सुविधा से जोड़ना, सामुदायिक शौचालयों में महिलाओं को रोजगार, जैसे प्रयास न केवल महिला सशक्तिकरण और स्वावलंबन को नवीन आयाम मिलेगा बल्कि हर गांव को डिजिटल बनाने की दिशा में अहम भूमिका भी निभाएंगे।मुख्यमंत्री ने प्रदेश का पहला पेपरलेस बजट पेश कर नया इतिहास रचने के लिए वित्त मंत्री और उनकी पूरी टीम को बधाई दी। कोरोना काल में राजस्व संग्रह में आई समस्याओं के कारण वित्तीय अनुशासन की महत्ता का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री ने बजट प्रावधानों को समग्र और समावेशी विकास तथा विभिन्न वर्गों के स्वावलंबन के प्रयासों को तेज करने वाला ‘ईज ऑफ लिविंग’ तथा ‘आत्मनिर्भर उत्तर प्रदेश’ की संकल्पना को जमीन पर उतारने वाला करार दिया।उन्होने कहा कि बजट में महिला सशक्तीकरण की दिशा में नयी योजना ‘महिला सामर्थ्य योजना’ शुरू की जा रही है जिसके लिये 200 करोड़ रुपया की व्यवस्था बजट में प्रस्तावित की गई है। इसके अलावा कुपोषित बच्चों को सुपोषण देने के लिए मुख्यमंत्री सक्षम सुपोषण योजना अमल में लायी जा रही है। मुख्यमंत्री अभ्युदय योजना के अंतर्गत पात्रता श्रेणी के बच्चों को टैबलेट भी उपलब्ध कराने का इस बजट में प्रावधान किया गया है।
श्री योगी ने कहा कि जो किसान परिवार आयुष्मान भारत स्वास्थ्य बीमा से कवर नहीं थे, उनके लिए इस बजट में मुख्यमंत्री जन आरोग्य योजना के अंतर्गत पांच लाख रुपया के नि:शुल्क स्वास्थ्य बीमा का प्रावधान किया गया है। बजट में मुख्यमंत्री कृषक दुर्घटना कल्याण योजना को विस्तार दिया गया है। अब किसान के घर के कमाऊ सदस्य, बंटाईदार व अन्य लोग भी मृत्यु की दशा में पांच लाख रूपये की आर्थिक सहायता पा सकते हैं।
उन्होने कहा कि हर घर को नल, हर घर को बिजली, हर गांव में सड़क एवं हर गांव को डिजिटल बनाने के साथ हर खेत को पानी एवं हर हाथ को काम देने का संकल्प इस बजट में निहित है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि यह बजट प्रदेश के विकास में मील का पत्थर साबित होगा। इस बजट प्रदेश के किसान, युवा तथा महिला सभी को प्राथमिकता है। हम विकास का संकल्प लेकर हम आगे बढ़े हैं। इसी कारण बजट विकास में मील का पत्थर साबित होगा।
उन्होने कहा कि ईज ऑफ डूइंग बिजिनेस में आज उत्तर प्रदेश दूसरे नंबर पर है। प्रदेश में लगातार निवेश आ रहा है। प्रदेश में डेटा सेंटर पर भी काफी काम हो रहा है। इसके साथ हम लखनऊ में प्रदेश का पहला फोरेंसिक सेंटर बनाने जा रहे है। वैश्विक महामारी कोरोना वायरस संक्रमण काल में हमने लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सेवा देने के साथ ही कोरोना पर अंकुश लगाने में सफलता प्राप्त की।
श्री योगी ने कहा कि कोरोना प्रबंधन के साथ सरकार ने अन्य कामों को भी आगे बढ़ाया। किसान दुर्घटना बीमा योजना में किसानों के परिजन और बटाईदार को शामिल करने, असंगठित क्षेत्र के करीब एक करोड़ श्रमिकों को सामाजिक सुरक्षा सुनिश्चित करने, एनीमिया से पीड़ित बच्चों के लिए मुख्यमंत्री सक्षम सुपोषण योजना, सभी मंडलों में सैनिक स्कूल और एक-एक राज्य विश्वविद्यालय की स्थापना, असेवित जिलों में पीपीपी मॉडल से मेडिकल कॉलेजों को स्थापना, प्रयागराज में विधि विश्वविद्यालय की स्थापना, जल जीवन मिशन योजना को विस्तार, ग्रामीण क्षेत्रों में सड़क कनेक्टिविटी विकास, अयोध्या और कुशीनगर में इंटरनेशनल एयरपोर्ट की स्थापना सहित सिविल एविएशन के क्षेत्र में नई उड़ान भरने वाली नीतियों, पंचायत स्तर पर एनजीओ के सहयोग से निराश्रित गोवंश आश्रय के विकास और लखनऊ में जनजातीय संग्रहालय की स्थापना के प्रस्तावों को प्रदेश के विकास को नई ऊंचाइयों तक ले जाने वाला बताया।
प्रदीप
वार्ता
उन्होने कहा कि हर घर को नल, हर घर को बिजली, हर गांव में सड़क एवं हर गांव को डिजिटल बनाने के साथ हर खेत को पानी एवं हर हाथ को काम देने का संकल्प इस बजट में निहित है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि यह बजट प्रदेश के विकास में मील का पत्थर साबित होगा। इस बजट प्रदेश के किसान, युवा तथा महिला सभी को प्राथमिकता है। हम विकास का संकल्प लेकर हम आगे बढ़े हैं। इसी कारण बजट विकास में मील का पत्थर साबित होगा।
उन्होने कहा कि ईज ऑफ डूइंग बिजिनेस में आज उत्तर प्रदेश दूसरे नंबर पर है। प्रदेश में लगातार निवेश आ रहा है। प्रदेश में डेटा सेंटर पर भी काफी काम हो रहा है। इसके साथ हम लखनऊ में प्रदेश का पहला फोरेंसिक सेंटर बनाने जा रहे है। वैश्विक महामारी कोरोना वायरस संक्रमण काल में हमने लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सेवा देने के साथ ही कोरोना पर अंकुश लगाने में सफलता प्राप्त की।
श्री योगी ने कहा कि कोरोना प्रबंधन के साथ सरकार ने अन्य कामों को भी आगे बढ़ाया। किसान दुर्घटना बीमा योजना में किसानों के परिजन और बटाईदार को शामिल करने, असंगठित क्षेत्र के करीब एक करोड़ श्रमिकों को सामाजिक सुरक्षा सुनिश्चित करने, एनीमिया से पीड़ित बच्चों के लिए मुख्यमंत्री सक्षम सुपोषण योजना, सभी मंडलों में सैनिक स्कूल और एक-एक राज्य विश्वविद्यालय की स्थापना, असेवित जिलों में पीपीपी मॉडल से मेडिकल कॉलेजों को स्थापना, प्रयागराज में विधि विश्वविद्यालय की स्थापना, जल जीवन मिशन योजना को विस्तार, ग्रामीण क्षेत्रों में सड़क कनेक्टिविटी विकास, अयोध्या और कुशीनगर में इंटरनेशनल एयरपोर्ट की स्थापना सहित सिविल एविएशन के क्षेत्र में नई उड़ान भरने वाली नीतियों, पंचायत स्तर पर एनजीओ के सहयोग से निराश्रित गोवंश आश्रय के विकास और लखनऊ में जनजातीय संग्रहालय की स्थापना के प्रस्तावों को प्रदेश के विकास को नई ऊंचाइयों तक ले जाने वाला बताया।
प्रदीप
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