असाधारण, स्पष्ट और समग्र बजट: उद्योग जगत
नयी दिल्ली, 01 फरवरी (वार्ता) उद्योग जगत ने केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण के सोमवार को संसद में पेश किये आम बजट 2021-22 की भूरि भूरि प्रशंसा करते हुए कहा है कि यह एक असाधारण, स्पष्ट और समग्र सोच वाला दस्तावेज हैं।
भारतीय वाणिज्य एवं उद्योग महासंघ (फिक्की ने) के अध्यक्ष उदय शंकर ने कहा कि वित्त वर्ष 2021-22 का केंद्रीय बजट असाधारण और स्पष्ट दृष्टिकोण वाला है जिसमें आर्थिक वृद्धि तथा रोजगार को तेजी गति देने के प्रावधान किये गये हैं। इस बजट से आत्मनिर्भर भारत का आधार मजबूत बनेगा। सरकार वित्तीय घाटे पर आर्थिक विकास को वरीयता देना सराहनीय है। बजट में सार्वजनिक व्यय पर ध्यान केंद्रित किया गया है। सरकार ने नया कर नहीं लगाकर काेरोना महामारी का दबाव सरकार पर स्वीकार किया है। वित्त मंत्री ने ईज ऑफ डूइंग बिजनेस पर जोर दिया है और नियमों को पालना में ढील दी है।उन्होंने कहा कि बजट मेें सभी क्षेत्रों के बुनियादी ढ़ांचे को मजबूत करने पर बल दिया है जिसका स्वागत किया जाना चाहिए। इससे न केवल देश की अर्थव्यवस्था को बल मिलेगा बल्कि संकट के समय से निपटने में भी मदद मिलेगी। विनिवेश पर आगे बढ़ने का स्वागत करते हुए फिक्की ने कहा है कि इससे विदेशी और घरेलू पूंजी का निवेश बढ़ेगा।
भारतीय वाणिज्य एवं उद्योग मंडल (एसौचेम) के अध्यक्ष विनीत अग्रवाल ने कहा यह बजट अर्थव्यवस्था को मजबूती देने वाला है। छह स्तंभों पर बल देकर अर्थव्यवस्था के आधार मजबूत करने के प्रयास किये हैं। हालांकि इसके लिए करदाताओं पर कोई दबाव नहीं डाला गया है। विनिवेश पर आगे बढ़ने और स्वास्थ्य क्षेत्र में 35 हजार करोड़ रुपए आवंटन से आत्मनिर्भर भारत अभियान को बल मिलेगा। उन्होंने कहा कि काेरोना महामारी के कारण अर्थव्यवस्था पर भारी दबाव है लेकिन श्रीमती सीतारमण वित्तीय घाटे को नियंत्रित करने में कामयाब रही है। सरकार ने ग्रामीण और शहरों क्षेत्रों में बुनियादी ढ़ांचा मजबूत करने पर जोर दिया है जिसका बेहतर असर होगा।
श्री अग्रवाल ने कृषि में बुनियादी ढ़ांचा विकसित करने पर जोर देने के लिए सरकार की सराहना की और कहा कि सरकार कृषि अधिभार हटाने का अन्य उपाय करना चाहिए।
सत्या जितेन्द्र
जारी वार्ता

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