स्वाधीनता सेनानियों की गौरव गाथा युवा पीढ़ियों तक पहुंचाना हमारा कर्तव्य : योगी

 लखनऊ 12 मार्च (वार्ता) उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि देश के गौरवशाली इतिहास और स्वाधीनता आंदोलन से जुड़े तमाम ज्ञात और अज्ञात बलिदानियों, सेनानियों की गौरव गाथाओं को जन जन विशेषकर आज की युवा पीढ़ी तक पहुंचाना हमारा कर्तव्य है।

काकोरी शहीद स्मारक पर शुक्रवार को आयोजित अमृत महोत्सव कार्यक्रम को संबोधित करते हुए श्री योगी ने कहा “ हमें आजादी की कीमत को हर हाल जानना होगा और देश की स्वाधीनता को अक्षुण्ण बनाए रखना होगा। साल 2022 आजादी के 75 वें वर्ष ‘अमृत महोत्सव’ का समय है। ऐसे समय में हमें आगामी 25 वर्षों की कार्य योजना को तय करना होगा।”

उन्होने कहा “ वर्ष 2047 में जब भारत की आज़ादी के 100 वर्ष पूरे होंगे, तो इस अवधि में हमने क्या पाया और क्या खोया है, इसका विश्लेषण करना होगा। भारत की आजादी को अक्षुण्ण बनाए रखते हुए, एक भारत-श्रेष्ठ भारत का निर्माण करना होगा। ”

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के उन भावों के अनुरूप भारत को दुनिया की सबसे बड़ी ताकत के रूप में स्थापित करने के लिए हर नागरिक अपने अपना उत्तरदायित्व निभाए तो ऐसा कोई कारण नहीं है कि 2047 में देश जब आजादी के 100 वर्ष पूर्ण कर रहा होगा तो उस समय हम भारत अपनी ताकत का एहसास पूरी दुनिया को कराएगा। यह तभी संभव होगा जब हर एक नागरिक अपने दायित्व का निर्वहन ईमानदारी के साथ करे। उन्होंने इस पर बल दिया की 75वां वर्ष हम सबको अपने अपने क्षेत्र में नई ऊर्जा के साथ कार्य करने लिए प्रेरित करेगा।

उन्होने बताया कि 12 मार्च 1930 को राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के नेतृत्व में देश के आजादी के दीवानों ने संपूर्ण स्वाधीनता के लिए सविनय अवज्ञा आंदोलन की शुरुवात की थी। 12 मार्च 1930 से छह अप्रैल 1930 तक चलने वाले दांडी मार्च के स्मरण में आज प्रधानमंत्री के मार्गदर्शन में एक बार फिर से इस मार्च का शुभारंभ प्रधानमंत्री ने गुजरात के ऐतिहासिक दांडी की नामक स्थान पर किया । साथ ही अमृत महोत्सव कार्यक्रम में आने वाले 75 सप्ताह तक चलने वाले वाले कार्यक्रमों का भी शुभारंभ होगा।

श्री योगी ने बताया कि उत्तर प्रदेश के अंदर भी देश की आजादी के साथ जुड़े हुए हर एक स्मारक, हर एक शहीद स्थल पर और देश की आजादी के बाद विभिन्न युद्धों में शहीद हुए जितने भी जवान हैं उन सब की स्मृति में बने सभी स्थलों पर भी 75 सप्ताह तक कार्यक्रम की श्रृंखलाओं में कोई न कोई कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। शहीद स्मारकों पर पर पुलिस धुन से उन शहीदों को सम्मान दिया जाएगा और वहां पर सांस्कृतिक और ऐतिहासिक परिपेक्ष से जुड़े हुए कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।

मुख्यमंत्री ने कहा कि ऐसे कार्यक्रम देश की वर्तमान पीढ़ी को देश के स्वाधीनता आंदोलन का पुनः स्मरण कराएंगे साथ ही उन्हें वर्तमान चुनौतियों से जूझने के लिए एक नई प्रेरणा और ऊर्जा प्रदान करेंगे।

काकोरी कांड के क्रांतिकारियों को नमन करते हुए सीएम योगी ने कहा कि यद्यपि आज चार स्थानों पर प्रदेश में यह कार्यक्रम हो रहा है जिसमें से 1925 के काकोरी कांड की स्मृति स्थल पर उन्हें स्वयं आने का सौभाग्य प्राप्त हुआ है। उन्होंने काकोरी कांड के अमर शहीद पंडित राम प्रसाद बिस्मिल, राजेंद्र लाहड़ी, चंद्रशेखर आजाद, रोशन सिंह और अशफाक़ उल्ला खान को प्रणाम करते हुए कहा कि इन महापुरुषों के जीवन का एक मात्र लक्ष्य देश की स्वाधीनता था। उन्होंने काकोरी में सरकारी खजाने को लूटा था जिसका उपयोग भारत की जनता के दमन के लिए किया जा रहा था। काकोरी कांड के नाम पर विख्यात यह घटना भारत के इतिहास में बहुत महत्वपूर्ण घटना बनी।

उन्होंने कहा कि यह उनका सौभाग्य है कि कि वह भारत माता के महान सपूतों को विनम्र श्रद्धांजलि देने के लिए अमृत महोत्सव के साथ जुड़ रहे हैं। साथ ही प्रदेश के तीन मंत्री मेरठ, झांसी और बलिया में तीन अलग-अलग शहीद स्मारकों पर आयोजित अमृत महोत्सव कार्यक्रमों में शामिल हो रहे हैं।

प्रदीप

वार्ता

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